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झामुमो का आरोप: फर्जी है गोड्डा सांसद की डिग्री, सांसद ने कहा- फर्जी आरटीआई का हवाला दे रहा है जेएमएम

कुणाल सारंगी

रांची। उत्तम राउत संवाददाता: झारखंड में जेएमएम और बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. जेएमएम ने निशिकांत दुबे पर फर्जी डिग्री हासिल करने का आरोप लगाया है. वहीं
जेएमएम के इन आरोपों पर पलटवार करते हुए बीजेपी के सांसद ने स्पष्ट कहा कि दरअसल यह पूरा मामला फर्जी आरटीआई से जुड़ा हुआ है, जो गलत है.

झारखंड में सत्तारूढ़ दल झारखंड मुक्ति मोर्चा ने गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे पर फर्जी डिग्री हासिल करने का आरोप लगाया है. पार्टी के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि इसे लेकर देवघर के सदर थाना में गुरुवार को एक मामला भी दर्ज कराया गया है. भट्टाचार्य ने कहा कि गोड्डा के सांसद डॉक्टर की उपाधि लगाते हैं, वह फर्जी हैं, इसका उल्लेख एक सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी से मिला है. उन्होंने कहा कि दिल्ली युनिवर्सिटी ने सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में स्पष्ट किया है कि निशिकांत दुबे नामक किसी व्यक्ति ने 1993 में एमबीए का कोर्स नहीं किया है, चुनाव आयोग के साथ-साथ केंद्र सरकार को भी मामले में हस्तक्षेप कर कार्रवाई करनी चाहिए
ट्वीटबीजेपी सांसद ने किया वहीं जेएमएम के इन आरोपों पर पलटवार करते हुए बीजेपी के सांसद निशिकांत दुबे ने स्पष्ट कहा कि दरअसल यह पूरा मामला फर्जी आरटीआई से जुड़ा हुआ है. उन्होंने कहा कि जिस आरटीआई का हवाला जेएमएम दे रही है, दरअसल उस मामले में जिस विजेंद्र पांडे के नाम से गोरखपुर का पत्राचार पत्ता देकर आरटीआई मांगा गया, उन्होंने 2017 में ही इस बाबत एफआईआर दर्ज करायी थी, उस एफआईआर में साफ लिखा गया कि उनके नाम से फर्जी तरीके से
आरटीआई के माध्यम से सूचना मांगी गई है, जबकि इस संबंध में उन्होंने कोई आरटीआई नहीं दाखिल की थी.
बीजेपी सांसद ने किया है ट्वीट
निशिकांत दुबे ने बताया कि इस बाबत उन्होंने बाकायदा अपने ट्विटर एकाउंट से ट्वीट भी किया है, जिसमें 2017 में हुए कथित फर्जी आरटीआई को लेकर विजेंद्र पांडे ने गोरखपुर में एफआईआर दर्ज कराई थी, साथ ही उन्होंने कहा कि यह उनकी छवि धूमिल करने की साजिश है.
दरअसल, पिछले दिनों बीजेपी सांसद ने आरोप लगाया था कि जेएमएम का संबंध अमित अग्रवाल नाम के एक ऐसे व्यक्ति से है जो कथित तौर पर कोलकाता में पैसे निवेश कर रहा है, जिसका कोई हिसाब किताब नहीं है. उसके बाद जेएमएम ने भी सांसद की ओर से देवघर जिले में कथित तौर पर कम पैसे देकर जमीन खरीदने का आरोप लगाया था.