झारखण्ड वाणी

सच सोच और समाधान

प्रशासन की गलती का खामियाजा उमंग सिंघार को उठाना पड़ा: कांग्रेस

Ambuj Kumar Kunal Sarangi width Anshar Khan ADJ Kamlesh Jitendra Rais Rozvi Rishi Mishra Rina Gupta

झारखंड कांग्रेस के सह प्रभारी उमंग सिंघार के बीच में दौरा रद्द होने का जिम्मेवार पार्टी ने प्रशासन को ठहराया है. प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष मानस सिन्हा ने कहा कि प्रशासन की गलती का खामियाजा उमंग सिंघार को उठाना पड़ा

रांची: एआईसीसी के सचिव और झारखंड कांग्रेस के सह प्रभारी उमंग सिंघार के बीच में दौरा रद्द होने का जिम्मेवार पार्टी ने प्रशासन को ठहराया है. प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष मानस सिन्हा ने कहा कि जिला प्रशासन की गलती के कारण उमंग सिंघार का कार्यक्रम रद्द हुआ है. प्रशासन की चूक का खामियाजा झारखंड कांग्रेस के सह प्रभारी को उठाना पड़ा है, जो कहीं से सही नहीं है.
प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष मानस सिन्हा ने कहा कि जिला प्रशासन आज भी बीजेपी के शासनकाल से नहीं निकल पाई है. जिसका नतीजा है कि उमंग सिंघार का दौरा बीच में ही रद्द कर दिया गया, जबकि उन्होंने परमिशन ली थी और उस परमिशन में कहीं भी जिक्र नहीं था कि वह 48 या 72 घंटे तक ही रहेंगे. साथ ही आने और जाने की टिकट और उनके पूरे प्रोग्राम की जानकारी भी दी गई थी. जिस पर एस्कॉर्ट पार्टी भी उन्हें दिया गया था. ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया है कि प्रशासन उमंग सिंघार के दौरे को रद्द करने के लिए किसका वेट कर रही थी
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन चाहती तो उमंग सिंघार के जिले के दौरे को रद्द कर बाकी कार्यक्रमों के लिए राजधानी में रुकने की अनुमति दे सकती थी और अपनी चूक को सुधार सकती थी. लेकिन ऐसा नहीं किया गया. इसमें पूरी गलती प्रशासन की है.
बता दें कि एआईसीसी के सचिव सह झारखंड प्रदेश कांग्रेस के सह प्रभारी उमंग सिंघार 5 से 9 अगस्त तक के लिए झारखंड दौरे पर पहुंचे थे. हालांकि, बीच में ही उनका दौरा रद्द कर दिया गया और इस वजह से उन्हें 6 अगस्त को ही देर शाम दिल्ली वापस लौटना पड़ा. हैरत की बात यह रही कि सरकार में शामिल कांग्रेस पार्टी के सह प्रभारी को भी जिला प्रशासन की ओर से छूट नहीं दी जा सकी, लेकिन पॉजिटिव बात यह रही कि गठबंधन सरकार में यह साबित जरूर हो गया कि कोविड-19 को लेकर जारी कानून सबके लिए बराबर है, चाहे वह सत्ताधारी दल हो या विपक्ष. साथ ही कांग्रेस पार्टी के विधायकों ने लगातार प्रशासनिक पदाधिकारियों पर उनकी बात नहीं सुने जाने के आरोप लगाए थे, जिसे इस प्रकरण से बल मिल गया है.

About Post Author