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कचरे से भर दिया चालीस साल पुराना कुआं, निगम की लगातार अनदेखी

Ambuj Kumar Kunal Sarangi width Anshar Khan ADJ Kamlesh Jitendra Rais Rozvi Rishi Mishra Rina Gupta

गिरिडीह में चालीस से पचास साल पुराने कुएं में लोग अब कचरा भरने लगे है. इस मामले की जानकारी नगर निगम को भी है, लेकिन कोई सीधी कार्रवाई अभी तक नहीं की गई.
गिरिडीहः जलस्तर बढ़ाने के लिए जलधन योजना पर पीएम नरेंद्र मोदी का जोर रहा है. इसे लेकर जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है, लेकिन गिरिडीह के कुछ लोगों पर इसका असर नहीं दिख रहा है. यही कारण है कि शहरी इलाके में कभी तालाब तो कभी कुएं को कचरे से भर दिया जा रहा है. इसी तरह का एक मामला शहर के बड़ा चौक स्थित पुस्कालय के ठीक सामने का है, जहां एक कुआं को कुछ लोगों ने कचरे से भर दिया है.
पुस्तकालय के ठीक सामने लगभग चालीस से पैंतालीस साल पहले एक कुआं बनाया गया था. कुएं का पानी का इस्तेमाल लोग करते रहे. इस बीच कुएं के ठीक बगल में शौचालय बना दिया गया. इसके बाद लोगों ने इस कुएं का उपयोग बंद कर दिया. धीरे-धीरे इस कुएं में सब्जी वाले, ठेला वाले, चाय-पान के दुकानदारों समेत कई लोगों ने कचरा डालना शुरू कर दिया, जिससे यह कुआं कचरे से पूरी तरह से भर गया है.
पुस्तकालय प्रबंधन ने कई बार नगर निगम से कुएं और पुस्तकालय की जमीन से अतिक्रमण हटाने की शिकायत की थी, लेकिन इस ओर विशेष ध्यान नहीं दिया गया.
यह कुआं निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 29 में आता है. यहां की पार्षद सुदामा देवी का कहना है कि इस कुएं की सफाई करने और पाइप लाइन से अपार्टमेंट का पानी इसमें डालने को लेकर निगम आयुक्त को लिखा गया है. पूरी कोशिश है कि जल्द से जल्द कुएं की सफाई हो सके.
वैसे तो निगम कर्मी हर रोज गाड़ी वाला आया घर से कचरा निकालने के गीत के साथ शहर की सफाई करने में जुटे रहते हैं. कर्मियों की सक्रियता के बावजूद लोगों ने अपनी सुविधा के लिए कुएं को भरने का काम किया है. ऐसे में इस मामले की जांच होनी चाहिए और कुएं की सफाई भी होनी चाहिए.

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