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शूटरों की झारखंड में धमक चार लाख सुपारी लेकर दिनदहाड़े कर दी हत्या

शूटरों की झारखंड में धमक चार लाख सुपारी लेकर दिनदहाड़े कर दी हत्या

*रांची : रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के हुंडरू में 30 अप्रैल को हुई जमीन कारोबारी धर्मदेव साहू उर्फ गब्बर की गोली मारकर हत्या के मामले में रांची पुलिस ने पूरी तरह से खुलासा कर लिया है। धर्मदेव साहू उर्फ गब्बर की हत्या जमीन के विवाद में हुई थी। उनका एयरपोर्ट के ही हुंडरू बस्ती निवासी विनोद गोप उर्फ बिन्नु गोप से एक जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद में विनोद गोप ने चार लाख रुपये की सुपारी देकर बिहार के शूटरों की मदद से उनकी हत्या करवा दी थी रांची पुलिस ने तीन शूटरों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें कंकड़बाग पटना का रहने वाला सूरज राज उर्फ सन्नी, सत्यम कुमार पाठक उर्फ सत्या और बिहार के नालंदा का रहने वाला कृष्णा कुमार शामिल है। एक अन्य शूटर बिहार के नालंदा निवासी दिनेश कुमार अभी फरार है। सत्यम कुमार पाठक उर्फ सत्या मूल रूप से बिहार के गोपालगंज जिले के कुचायकोट थाना क्षेत्र के नेचुआ जलालपुर का रहने वाला है। इस पूरे मामले में अब तक छह आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं। मुख्य आरोपित विनोद गोप अभी फरार है।
रांची के एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा ने आज सवाददाता सम्मेलन में इसका खुलासा किया। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट थाना क्षेत्र स्थित एक जमीन को लेकर धर्मदेव साहू का विनोद गोप से विवाद चल रहा था। पूर्व में भी दोनों पक्ष में गोलीबारी हुई थी, जिसमें विनोद गोप और उसके सहयोगी जेल भेजे गए थे। जेल से बाहर आने के बाद ही विनोद गोप ने धर्मदेव साहू की हत्या की योजना बनाई। इसके लिए विनोद ने अपने सहयोगी सुधीर कुमार की मदद से बिहार के शूटरों से संपर्क साधा। इसके लिए चार लाख रुपये की सुपारी भी दी थी और धर्मदेव की हत्या करवा दी थी। मुख्य आरोपित विनोद गोप अब भी फरार है, जबकि छह आरोपित निकु, सुधीर, विकास, जय सिंह, भोलू और राहुल गोप को पुलिस ने पहले ही गिरफ्ता कर जेल भेज दिया है धर्मदेव साहू की हत्या में विनोद गोप को उसके चालक निकु कुमार गुप्ता, गोलू गोप, सुधीर कुमार, राहुल गोप, विशाल सिंह और भोला साहू ने सहयोग किया। बिहार से बुलाए गए शूटरों को हत्या के लिए चोरी की दो मोटरसाइकिल उपलब्ध कराई गई। मोटरसाइकिल जय सिंह ने उपलब्ध कराया था। कुछ दिनों तक धर्मदेव की रेकी के बाद 30 अप्रैल को शूटरों को मौका मिल गया। तब धर्मदेव अपने भतीजे के बारात में शामिल होने के लिए घर से निकले थे। विनोद गोप ने अपने दो सहयोगियों को रेकी के लिए लगाया था। धर्मदेव साहू घर से अभी कुछ दूरी पर ही पहुंचे थे कि पहले से घात लगाए शूटरों ने उनपर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। मौके पर ही धर्मदेव की मौत हो गई थी।