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जेबीभीएनएल के अवैध टेंडर को रद्द करने की मांग

कुणाल सारंगी

झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के अध्यक्ष अजय राय ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर रांची बिजली वितरण एरिया बोर्ड की गलतियों की ओर ध्यान आकृष्ट कराया है. पत्र के माध्यम से ऊर्जा विकास श्रमिक संघ ने मुख्यमंत्री को बताया है कि नियम और निर्देशों की अनदेखी करते हुए बोर्ड ने गलत तरीके से टेंडर प्रकिया को पूरा किया है. साथ ही बोर्ड के महाप्रबंधक ने अपने चहेते लोगों को फायदा पहुंचाया है.

रांची: झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के अध्यक्ष अजय राय ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को रांची बिजली वितरण एरिया बोर्ड की ओर ध्यान केंद्रीत कराया है. पक्ष के माध्यम से ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के अध्यक्ष ने कहा है कि बिजली वितरण के महाप्रबंधक और मुख्य अभियंता ने नियम के अनदेखी करते हुए अपने संबंधियों को लाभ पहुंचाया है. बिजली वितरण के महाप्रबंधक, मुख्य अभियंता ने आदेश के बाद भी पिछली सरकार में टेंडर निकाले गए, जिसे निकले एक साल बीत गया है, उसे एनआईटी के सारे नियम को ताक पर रखकर एक सप्ताह पहले अपने संबंधी को लाभ पहुंचाने के लिए उन्हें विभाग की ओर से दे दिया गया है. झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के अध्यक्ष अजय राय ने कहा है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार गठन के बाद सभी विभागों को आदेश दिया गया था कि पिछली सरकार में जो भी टेंडर निकाले गए हैं, उसे तत्काल रद्द किया जाए. लगभग सारे विभागों ने पुराने टेंडर को रद्द कर दिया, लेकिन बिजली वितरण रांची के महाप्रबंधक कार्यालय से निकाला गया
टेंडर रद्द नहीं किया गया और विभाग के महाप्रबंधक अपने चहेते एजेंसी जेएमडी को टेंडर दे दिया. जिस फर्म के प्रबंधक के साथ महाप्रबंधक के संबंधी काम कर रहे हैं, वह फर्म पूर्व में किसी और नाम से झारखंड में काम कर रहा था जो वर्तमान में ब्लैक लिस्टेड भी है.
झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया है कि आनन-फानन में जेएमडी फर्म ने एक नया फर्म बनाया है, जो ‘जय माता दी’ के नाम से है. नया फर्म मूल रूप से पटना, बिहार का है. ऐसे भी पूर्व में निकाले गए टेंडर में श्रम विभाग के न्यूनतम मजदूरी की दर कुछ और थी और वर्तमान में मजदूरी दर लगभग 30 से 40 % बढ़ी है, मगर इस ओर महाप्रबंधक ने ध्यान नहीं दिया है पहले से काम कर रहे मजदूरों को बढ़े हुए दर पर मजदूरी और एरियर का भुगतान करवाया जाए.
इस संबंध में कई पत्र झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ की ओर से विभागीय अधिकारियों को दिया गया है. हर जगह इन्होंने अपने पद और पावर का इस्तेमाल कर इस मामले की जांच नहीं होने दी. ऐसे में झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ मुख्यमंत्री से प्रार्थना किया है कि तत्काल मौजूदा टेंडर को रद्द करवाकर रांची बिजली वितरण के महाप्रबंधक सह मुख्य अभियंता के पूरे कार्यकाल की निष्पक्ष जांच कराई जाए. साथ ही साल 2017 से लंबित कर्मियों का एरियर भुगतान का आदेश दिया जाए, ताकि कोरोना के इस महामारी में काम कर रहे मजदूरों को घर-परिवार चलाने में सहूलियत हो सके.