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वयोवृद्ध जाने माने मजदूर नेता एल एन सहाय का आकस्मिक निधन

समाजवादी, गांधीवादी एवं वयोवृद्ध मजदूर नेता श्री एल एन सहाय का 97 वर्ष की उम्र में आदित्यपुर स्थित आवास पर अपराहन 1:30 बजे निधन हो गया।उनकी मृत्यु पर शोक जताते हुए गांधी शांति प्रतिष्ठान जमशेदपुर ने इसे समर्पित राजनैतिक कर्म के युग का अंत बताया।

मूलतः रानीपुर, पटना निवासी सहाय के लिये सिंहभूम ही राजनीतिक और सामाजिक कर्मभूमि था। सन् 42के आंदोलन में भाग लेने पर इनको पटना कैम्प जेल में रखा गया ।अल्प वयस्क होने के कारण कुछ दिनों के बाद इनको रिहा कर दिया गया। तत्पश्चात टाटा स्टील में उनकी बहाली सी क्लास अप्रेंटिस के रूप में हुई। जमशेदपुर आकर उनकी राजनीतिक गतिविधि और तीव्र हो गयी।

जय प्रकाश नारायण और माखन मुखर्जी के सम्पर्क में आकर वे स्वतंत्रता आंदोलन के साथ साथ समाजवादी आंदोलन से भी जुड़ गये।वागाराम तुलपुले, मुंशी अहमद्दीन,
बसावन सिंह और रामानंद तिवारी के साथ मिलकर उन्होंने मजदूरों के बीच समाजवादी विचारधारा का प्रचार प्रसार किया। मजदूर आंदोलन में भाग लेने के कारण उनको नौकरी से भी हाथ धोना पड़ा। महीनों बर्खास्त रहने के बाद उनकी पुनः बहाली हुई।रामानंद तिवारी की अध्यक्षता में स्थापित इस्पात मजदूर पंचायत के वे कार्यकारी अध्यक्ष रहे।

वे इस्पात मजदूरों की वेतन निर्धारिणी संस्था एन जे सी एस के वर्षों तक सदस्य रहे। उनके निधन से जमशेदपुर के समाजवादी और श्रमिक आंदोलन के एक युग का अंत हो गया है।

गांधी शांति प्रतिष्ठान की जमशेदपुर इकाई उनके निधन पर गहन शोक प्रकट करती है। शोक व्यक्त करने वालों में आलोक कुमार,एस सी झा, कुमार दिलीप, अंकित, अजय शर्मा, अविनाश कुमार, निशांत अखिलेश व अरविंद अंजुम शामिल हैं।