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उर्दू शिक्षक नियुक्ति मामले पर झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई, अदालत ने राज्य सरकार और जेएसएससी से मांगा जवाब

झारखंड में हाई स्कूलों में उर्दू शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति मामले को लेकर दायर याचिका पर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. इस मामले में अदालत ने राज्य सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग को चार सप्ताह में शपथ पत्र के माध्यम से अपना जवाब पेश करने को कहा है.

रांची: झारखंड में हाई स्कूलों में उर्दू शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर दायर याचिका पर झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. अदालत ने मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद राज्य सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग को चार सप्ताह में शपथ पत्र के माध्यम से अपना जवाब पेश करने को कहा है. सरकार के जवाब आने के बाद मामले पर आगे की सुनवाई होगी.
झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश संजय कुमार द्विवेदी की अदालत में हाई स्कूल में उर्दू शिक्षक के रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर दायर याचिका पर झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. न्यायाधीश ने अपने आवासीय कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई की. वहीं याचिकाकर्ता के अधिवक्ता और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के अधिवक्ता संजय कुमार पिपरवाल ने अपने आवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपना पक्ष रखा. याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि राज्य में हाई स्कूल की नियुक्ति में उर्दू शिक्षक के कई पद रिक्त हैं, जो पद मध्य विद्यालय के शिक्षक के लिए आरक्षित किए गए थे, उसमें मध्य विद्यालय के शिक्षक चयनित नहीं हुए, जिसके कारण वह पद रिक्त है. उसी रिक्त पदों पर बचे हुए शिक्षक की नियुक्ति करने की बात कही गई है, जिस पर अदालत ने राज्य सरकार और आयोग से जवाब मांगा है.
याचिकाकर्ता सफी आलम ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की है कि, वर्ष 2016 में हाई स्कूल में उर्दू पदों पर नियुक्ति के दौरान 25% पद मध्य विद्यालय के शिक्षकों के लिए आरक्षित कर दिया गया था. उस पद पर सिर्फ मध्य विद्यालय में पूर्व से कार्यरत शिक्षक ही चयनित किए जा सकते थे. लेकिन वह पद रिक्त है इसलिए उस पद पर कट ऑफ में जो नीचे हैं उन्हें नियुक्त किया जाना चाहिए. उसी मामले में सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार और आयोग से जवाब मांगा है.