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तीन तलाक को लेकर थाना पहुंची महिला, पति ने मानने से किया इनकार, असमंजस में पुलिस

गढ़वा में एक महिला अपने पति के खिलाफ तीन तलाक का मुकदमा दर्ज कराने महिला थाना पहुंची. लेकिन उ येसके पति ने इस मामले से साफ इनकार कर दिया. साथ ही महिला ने अपने पति पर मारपीट का भी आरोप लगाया है. इस मामले में पुलिस ने प्रताड़ना का मुकदमा दर्ज कर लिया

प्रताड़ना का मुकदमा दर्ज कर लिया है, तीन तलाक का मुकदमा दर्ज करें या नहीं, इसको लेकर कोई नतीजे पर नहीं पहुंच पाई.
गढ़वाः जिले के महिला थाना में तीन तलाक से जुड़ा एक मामला सामने आया है. दरअसल, मेराल प्रखंड के तिकुलड़िहा गांव की सैरुन बीबी अपने पति अब्दुल रहमान साह पर तीन तलाक देकर घर से निकालने का मुकदमा दर्ज कराने थाना आई थी. थाने में दिए गए आवेदन पर देर शाम तक एसडीपीओ मंथन करते रहे, पुलिस इस नतीजे पर नहीं पहुंच पायी की तीन तलाक का मुकदमा दर्ज करें या नहीं करें.
सैरुन बीबी ने महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए जो आवेदन दिया है उसमें कहा है कि उसकी शादी के 25 वर्ष हो गए और उसके चार बेटे भी हैं. उसका पति शुरू से ही दहेज के लिए उसे प्रताड़ित करता था. कई बार पंचायत में विवाद को सुलझाया गया. हाल में फिर से वह सैरुन के परिजनों से एक लाख रुपये और एक मोटरसाइकिल की मांग कर रहा था. इनकार करने पर उसने गांव और रिश्तेदार के साथ मिलकर उसकी पिटाई कर दी. साथ ही तीन तलाक देकर और गहने छीनकर घर से भगा दिया. सैरुन अपने तीन पुत्रों, एक बहु और नाती-पोते के साथ सड़क पर आ गई है.
सैरुन बीबी ने कहा कि उसके पति का अवैध संबंध है. खेत बेचकर उसने दूसरी युवती को संपति दी है. उसी के लिए वह पैसे की मांग कर रहा था. वहीं सैरुन बीबी के पति अब्दुल रहमान साह ने तीन तलाक देने से साफ इनकार कर दिया. मामले को लेकर एसडीपीओ बहामन टूटी ने दोनों पक्षों की बात सुनी और आवेदन का अध्ययन किया. उसके बाद भी वे तीन तलाक से संबंधित मुकदमा दर्ज करने पर निर्णय नहीं ले सके. उन्होंने प्रताड़ना का मुकदमा दर्ज करने का निर्देश महिला थाना प्रभारी को दिया. वहीं एसडीपीओ ने मीडिया में इससे संबंधित बयान देने से इनकार कर दिया. कहा कि पहले इसकी जांच होगी. तब तक प्रताड़ना का केस कर कार्रवाई शुरू
की जाएगी.