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तीन मरीजों के मौत से परिवार वालों ने अस्पतालों में किया हंगामा

टाटा मेन अस्पताल में आज अचानक तीन लोगों की मौत हो जाने से परिजन ने जमकर हंगामा किया। झारखंड का सबके भरोसेमंद अस्पताल टीएमएच में मातम क्यों, यहां इतना हंगामा क्यों हो रही है, ये रोते बिलखते परिजनों की क्या परेशानी है, वैसे तो कोरोना काल के लिए यह आम बात हो चली है, लेकिन राज्य के बेहतर और भरोसेमंद अस्पताल में इस कदर हंगामा शायद पहली बार देखी जा रही है। हालांकि कोरोना काल में ईलाज को लेकर टीएमएच प्रबंधन पर लगातार लापरवाही के आरोप लग रहे हैं, यही कारण है, कि पिछले दिनों टाटा मुख्य अस्पताल के जीएम को सफाई देनी पड़ी थी। वैसे सोमवार को एक के बाद एक तीन- तीन सामान्य मरीजों की मौत के बाद परिजनों ने यह आरोप लगाते हुए जमकर बवाल काटा कि पहले उनके मरीजों को नेगेटिव बताकर अस्पताल प्रशासन ने भर्ती कर लिया, और लापरवाही के बाद मौत बताकर मरीजों को पॉजेटिव घोषित कर शव देने से इंकार कर दिया। वैसे एक मरीज की बात अगर होती तो सवाल खड़े नहीं होते, लेकिन गोलमुरी, कपाली और जाकिरनगर के मरीजों के एक ही तरह के मामले आने के बाद परिजन आक्रोशित हो उठे और जमकर घंटों बवाल काटा। वहीं अस्पताल के सुरक्षाकर्मी परिजनों के आक्रोश को झेल न सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिष्टुपुर पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा। जहां घंटों पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी। फिलहाल परिजन अपने मरीजों के शव को लेने के लिए जद्दोजहत में जुटे हैं। वैश्विक महामारी कोरोना के ईलाज को लेकर टीएमएच प्रबंधन पर एक बार फिर से लापरवाही का आरोप लगा है। वैसे इससे पूर्व लग रहे आरोपों को जिला प्रशासन ने क्लीन चिट दे दिया था, जिसके बाद टाटा मुख्य अस्पताल के जीएम ने अपनी सफाई में टीएमएच की कार्यशैली को बेहतर बताया था। दुर्घटना के दौरान काफी संख्या में लोग टीएमएच पहुंचे और पुलिस के सामने हंगामा करते रहे। वहीं कुछ लोग टीएमएच पर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करने के लिए बात कही। उधर लगातार लोगों ने मांग करती रही और कहा कि पहले नेगेटिव बोलकर वार्ड में रखा गया था मरने के बाद अचानक पॉजिटिव कैसे हो गया।