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टाटा स्टील में 12 घंटे ड्यूटी को लेकर गतिरोध बरकरार

टाटा स्टील में 12 घंटे की शिफ्ट पर गतिरोध बना हुआ है. इस मुद्दे को लेकर कर्मचारी और यूनियन आमने-सामने हैं. कर्मचारियों का कहना है कि 12 घंटे ड्यूटी सभी विभाग में लागू करना उचित नहीं होगा.

जमशेदपुरः सोमवार को टाटा यूनियन और प्रबंधन के बीच बैठक हुई. इसका मुख्य बिंदु 12 घंटा अवधि वाली ड्यूटी को लेकर था. कंपनी के आग्रह पर सरकार ने 12 घंटे की ड्यूटी की अनुमति दे दी है. इसके बाद कंपनी ने ट्रायल के तौर पर दो विभाग सिंटर प्लांट और न्यू बार मील में इसे लागू किया है.
कंपनी अन्य विभाग में भी इसे लागू करने के पक्ष में है. कोरोना संक्रमण से कर्मचारियों को बचाने और नियम के तहत 50 प्रतिशत कर्मचारियों से काम लेने को लेकर कंपनी इसे लागू करना चाहती है.
इस मुद्दे को लेकर कर्मचारी और यूनियन में गतिरोध है. कुछ लोग 12 घंटे की ड्यूटी को लेकर विरोध भी कर रहे हैं. उनका कहना है कि प्लांट के कई विभाग है जहां का वातावरण आठ घंटे भी ड्यूटी करने के अनुकुल नहीं होता है. 56 डिग्री से भी ज्यादा तापमान होता है. ऐसे में 12 घंटे ड्यूटी सभी विभाग में लागू करना उचित नहीं होगा. टॉप थ्री व प्रबंधन के बीच हुई बैठक में यह भी सलाह सामने आयी कि प्लांट के अंदर एमिनिटी बढ़ानी होगी. टॉयलेट, चेंजिंग रुम व अन्य सुविधाओं में विस्तार करना होगा ताकि 12 घंटा ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों को आसानी हो. 12 घंटे ड्यूटी अवधि अन्य विभाग में लागू करने को लेकर यूनियन और प्रबंधन के बीच फिर से एक बार बैठक होगी.