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सरकारी स्कूलों में स्तरीय शिक्षा के लिए सरकार को पहल करनी चाहिए

कुणाल सारंगी

जमशेदपुर: सभी सरकारी स्कूलों में उच्च स्तरीय शिक्षा के लिए सरकार के साथ-साथ समाज के लोगों को भी पहल करने की आवश्यकता है। उद्योगपतियों से अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने आग्रह किया है कि एक सरकारी स्कूल को गोद ले ताकि वहां उच्च स्तरीय शिक्षा मिल सके। उन्होंने कहा है कि प्रशासनिक पदाधिकारी उपायुक्त, एसडीओ, पुलिस अधीक्षक से लेकर आला अधिकारी महीना में एक बार समय निकालकर सरकारी स्कूलों में जाकर बच्चों को पढ़ाएं और उनका मनोबल बढ़ाएं। अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि निजी स्कूल और सरकारी स्कूलों के बीच दूरी को पाटने के लिए सरकार हर महीने दोनों स्कूल के छात्रों के बीच सेमिनार आयोजित करवाए और भाषण प्रतियोगिता तर्क वितर्क प्रतियोगिता आयोजित करें। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जो बच्चे स्कूल नहीं जाते उनके अभिभावकों के राशन कार्ड से मिलने वाले अनाज में कटौती कर दिया जाए ताकि दबाव में आकर अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजें। सरकारी स्कूल के बच्चों को भी पोशाक उपलब्ध करवाया जाए ताकि बच्चे अच्छे पोशाक में स्कूल जा सके। हमारे जनप्रतिनिधि जैसे सांसद , विधायक भी समय-समय पर सरकारी स्कूलों में जाकर भ्रमण करें और देखें कि उच्च स्तरीय शिक्षा क्यों नहीं मिल पाती है। जब सरकारी स्कूलों को भी उद्योगपति , कंपनियां और समाज के जनप्रतिनिधि गोद लेंगे तो निश्चित तौर पर सरकारी स्कूलों की स्थिति बदलेगी और उच्च स्तरीय शिक्षा मिलेगा। पप्पू ने मांग की है कि इस दिशा में केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों को पहल करनी चाहिए तब जाकर देश में शिक्षा की स्थिति में सुधार होगी। अगर हालात नहीं बदले तो समाज में अमीर और गरीब के बीच खाई और बढ़ेगी जिससे समाज में असंतोष बढ़ेगा। सरकारी स्कूलों की दशा को सुधारने के लिए भी समय-समय पर समाज के जागरूक और प्रबुद्ध लोगों को सरकारी मिशनरी के साथ मिलकर सेमिनार आयोजित कर इस पर विचार विमर्श करें।