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सरकार के नियमों का पालन कर करते हुए मनाया गया मुहर्रम, नहीं निकला जुलूस

पलामू के हुसैनाबाद और हैदरनगर में कोरोना वायरस की वजह से सरकार के निर्देश का पालन करते हुए मोहर्रम का त्योहार घरों में ही मनाया गया. साथ ही पहलाम की रस्म अदा करने अपने-अपने अखाड़ा के साथ 5-5 की संख्या में लोग जाएंगे.

पलामू: जिले में कोरोना का कहर जारी है. इसी के मद्देनजर जिले के हुसैनाबाद और हैदरनगर में सरकार के निर्देश का पालन करते हुए मोहर्रम का त्यौहार घरों में ही मनाया गया. मोहर्रम के मौके पर इस बार सार्वजनिक स्थान या चौक पर मातमी जुलूस नहीं निकाला गया. हुसैनाबाद और हैदरनगर में मुहर्रम का त्यौहार शिया और सुन्नी दोनों समुदाय घरों पर ही मना रहे हैं.
समुदाय के सैयद अयूब हुसैन और अख्तर हुसैन ने बताया कि सरकार ने जो गाइडलाइन जारी की है, उसके तहत मातमी जुलूस पर रोक है. उन्होंने कहा कि इस बार चार पांच व्यक्ति ही इमामबारगाह में ही जंजीरी मातम की रस्म अदा करेंगे. नवमी और दसवीं का जुलूस और मातम भी नहीं निकाला जाएगा. मोहर्रम की पहली होने वाली मजलिस इस बार अपने-अपने घरों पर ही किया गया.
सुन्नी कमिटी के सदर दारा कुरैशी ने बताया कि पांचवीं और सातवीं को निकलने वाला जुलूस नहीं निकाला गया. सातवीं मोहर्रम को कर्बला में फातिहा नहीं कर अपने-अपने घरों में ही फातिहा करने की हिदायत दी गई थी, जिसका सभी लोगों ने पूरी तरह पालन भी किया. उन्होंने बताया कि नवमी और दशमी को निकलने वाला जुलूस भी नहीं निकाला जाएगा. मोहर्रम सभी को अपने-अपने घरों पर ही रह कर मनाने की हिदायत दी है. पहलाम की रस्म अदा करने अपने-अपने अखाड़ा के साथ 5-5 की संख्या में लोग जाएंगे. इस बार परंपरागत लाठी-डंडे का खेल भी नहीं किया जाएगा.