झारखण्ड वाणी

सच सोच और समाधान

सरायकेला खरसावां जिला कांड्रा मौजा में झारखण्ड वाणी मुख्य संवाददाता को लाकडाउन के दौरान खुलेआम ब्यूटीपार्लर और सिलाइ सेंटर चलाना समाचार को उजागर करना भारी पर रहा है ब्यूटीपार्लर संचालक सोमा प्रमाणिक ने संवाददाता के खिलाफ लिखित शिकायत की है

सरायकेला खरसावां जिला कांड्रा मौजा में झारखण्ड वाणी मुख्य संवाददाता को लाकडाउन के दौरान खुलेआम ब्यूटीपार्लर और सिलाइ सेंटर चलाना समाचार को उजागर करना भारी पर रहा है ब्यूटीपार्लर संचालक सोमा प्रमाणिक ने संवाददाता के खिलाफ लिखित शिकायत की है
उक्त जानकारी तब हुआ जब पुलिस संवाददाता के घर पर पहुंची छह जून को झारखण्ड वाणी संवाददाता से पूछा गया कि क्या आपको मालूम है कि आपके ऊपर केश हुआ है,तो संवाददाता ने कह दिया हाँ मुझे मालूम है,और एस आई जांचकर्ता को सारी जानकारी पूर्ण रूप से सुना दिया क्योंकि किसी घटना की जानकारी हेतु कांड्रा थाना झारखण्ड वाणी मुख्य संवाददाता गया हुआ था तो संवाददाता को वंही पता चला कि सोमा प्रमाणिक ने संवाददाता के खिलाफ शिकायत की है लेकिन उस बात पर झारखण्ड वाणी संवाददाता ने ध्यान नहीं दिया और उसे हल्के में लिया लेकिन एक या दो जून को झारखण्ड वाणी संवाददाता के साथ एक पंचायत का आदमी बैठा हुआ था, करीब शाम साढ़े छह बजे के लगभग उसी वक्त उस व्यक्ति के पास सोमा प्रमाणिक का फोन आया तो बातचीत के क्रम में उसने पूछा कि झारखण्ड वाणी संवाददाता जगन्नाथ मिश्रा से आप क्यों डरती हैं तो सोमा ने कहा मैं उससे डरती नहीं हूं मैं मार भी सकती हूं और तब सोमा ने खुद बताया कि थाना में उससे कहा गया कि तुम उसके खिलाफ शिकायत कर दो यह सभी बातें फोन का स्पीकर खुला होने के चलते झारखण्ड वाणी संवाददाता ने खुद अपनी कानों से सुनी और साथ में एक साथी भी बैठा था वह भी सुना इसलिए जब झारखण्ड वाणी संवाददाता के घर जब कांड्रा थाना के एस आई पहुंचे और पूछताछ की तो वे समझ गए कि संवाददाता को गलत साबित करना चाहती है जबकि उक्त दोषी महिला जो लॉकडाउन का खुल्लम खुल्ला उलंघन कर रही थी उससे संबंधित समाचार का उजागर करना संवाददाता को महंगा पड़ा उससे संवाददाता के खिलाफ प्राथमिकी लिखबाकर गलत करने का प्रयास किया गया ,बता दें कि झारखण्ड वाणी मुख्य संवाददाता का नाम जगन्नाथ मिश्रा है जबकि साजिश के तहत फसाने के पीछे साजिशकर्ता और सहयोगी कौन कौन लोग हैं यह जांच का मामला है,और गलत तरीके से जो प्राथमिकी दर्ज किया गया है ,उसकी जांचकर गलत प्राथमिकी दर्ज करने वाले पर मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए जांचकर्ता को इस बात की भी जांच करनी चाहिए कि एक या दो जून को शाम के वक्त किस व्यक्ति को सोमा प्रमाणिक ने यह सारी बातें कह रही थी