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शहीद स्मारकः सीएम ने शहीदों को किया नमन, राज्य के लोगों को दी बधाई

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झारखंड की राजधानी के शहीद चौक स्थित शहीद स्मारक पर शनिवार को राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झंडोत्तोलन किया. मुख्यमंत्री ने इस दौरान शहीदों के तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया और राज्य के लोगों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई भी दी. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ उनकी पत्नी भी मौजूद रहीं. मुख्यमंत्री ने मोरहाबादी मैदान में भी ध्वजारोहण किया.

रांचीः राजधानी के शहीद चौक स्थित शहीद स्मारक पर शनिवार को राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झंडोत्तोलन किया. मुख्यमंत्री ने इस दौरान शहीदों के तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया और राज्य के लोगों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई भी दी. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ उनकी पत्नी भी मौजूद रहीं. मुख्यमंत्री ने मोरहाबादी मैदान में भी ध्वजारोहण किया.
शहीद चौक स्थित स्मारक पर ध्वजारोहण के दौरान मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि झारखंड की धरती हमेशा से वीरों की जन्म स्थली रही है. देश की आजादी से पहले भी यहां के लोग अन्याय के खिलाफ संघर्ष करते आए हैं और आजादी के बाद भी अपने हक की लड़ाई लड़ते रहते हैं. उन्होंने कहा कि कई ऐसे क्रांतिवीर रहे हैं, जिनको कम लोग जानते हैं. ऐसे नायकों के चरणों में मैं श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं.
मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि आजादी की लड़ाई में लंबी या छोटी लड़ाई का कोई अर्थ नहीं है. बड़ी बात है सभी ने अपने स्तर पर स्वतंत्रता के संघर्ष में अपने प्राणों की आहुति दी है. इसीलिए हमें अपने नायकों के जीवन से सीख लेनी चाहिए और समाज की सेवा में तन मन धन से लगना चाहिए. सीएम ने कहा कि हमारे देश में लोकतंत्र का पुराना इतिहास रहा है. इसे हमें न सिर्फ मजबूत करना है बल्कि इसे सदियों तक सहेज कर रखना है
बता दें कि शहीद स्मारक स्थल पर स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव और पांडे गणपत राय समेत सैकड़ों स्वतंत्रता सेनानियों को अंग्रेजों द्वारा फांसी दी गई थी. 16 अप्रैल 1858 को शहीद स्मारक स्थल पर ही कदम के पेड़ पर ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव को, जबकि 5 दिनों बाद 21 अप्रैल 1858 को गणपत राय को फांसी पर लटकाया गया था. ऐसे में शहीद स्मारक पवित्र स्थान है, जहां हर 26 जनवरी और 15 अगस्त को विशेष कार्यक्रम का आयोजन होता है. यह परंपरा 1957 से चली आ रही है

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