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सीएम ने दिया कंबल घोटाले में जांच का आदेश, प्रारंभिक जांच के आधार पर होगी कार्रवाई

कुणाल सारंगी

सीएम हेमंत सोरेन ने पूर्ववर्ती सरकार में कथित तौर पर हुए कंबल घोटाले की प्रारंभिक जांच के आधार पर मंगलवार को मंजूरी दे दी है. उद्योग विभाग द्वारा झारक्राफ्ट द्वारा कंबल खरीद में हुई अनियमितता की विस्तृत जांच और आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई की अनुशंसा किए जाने के आलोक में मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिया है.

रांची: प्रदेश के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूर्ववर्ती सरकार में कथित तौर पर हुए कंबल घोटाले की प्रारंभिक जांच के प्रस्ताव पर मंगलवार को मंजूरी दे दी है. पूर्ववर्ती सरकार में कथित तौर पर कंबल खरीदने में हुई अनियमितता के मामले में झारक्राफ्ट की तत्कालीन मुख्य कार्यपालक अधिकारी रेणु गोपीनाथ पणिकर, उप महाप्रबंधक मोहम्मद नसीम अख्तर और मुख्य वित्त सचिव अशोक ठाकुर को आरोपी बनाया गया है.
दरअसल, उद्योग विभाग द्वारा झारक्राफ्ट द्वारा कंबल खरीद में हुई अनियमितता की विस्तृत जांच और आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई की अनुशंसा किए जाने के आलोक में मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिया है. इसके तहत राज्य सरकार द्वारा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को प्रारंभिक जांच के लिए ऐसे मामले से ऊपर जाएंगे, जिनमें लोक सेवकों के विरुद्ध आपराधिक दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के आरोप समाहित होंगे.
ट्विटर पर मिली एक शिकायत पर मुख्यमंत्री सोरेन ने पलामू के डिप्टी कमिश्नर और झारखंड पुलिस को पलामू जिले के पाटन ब्लॉक के सिक्केकला के निवासी ललिता देवी और उनकी बेटियों के साथ किए गए दुर्व्यवहार की जांच करने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही पलामू के उपायुक्त को पीड़ित परिवार को मदद पहुंचाने और अपराधियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री को वीडियो साझा कर जानकारी दी गई थी कि ललिता देवी और उनकी दो बेटियों के साथ अपराधियों ने दुर्व्यवहार किया और उनके कपड़े तक फाड़ दिए