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सदर अस्पताल में खुला स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट जच्चा और बच्चा रहेंगे स्वस्थ

सदर अस्पताल में खुला स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट जच्चा और बच्चा रहेंगे स्वस्थ

जमशेदपुर में सदर अस्पताल के पहली मंजिल पर स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट का उदघाटन प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने किया है. इस दौरान अस्पताल के उपाधीक्षक के अलावा अन्य डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे. स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट के उदघाटन के मौके पर स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष सदर अस्पताल प्रबंधन ने कई समस्याओं की चर्चा की.

जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम के खास महल स्थित सदर अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट का उदघाटन किया है. इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री ने बताया है कि सदर अस्पताल में संसाधनों की कमी को जल्द ही पूरा किया जाएगा और कन्या भ्रूण हत्या को रोकने को लेकर एक कमेटी बनाई गई है.
आपको बता दें कि सदर अस्पताल में आने वाली गर्भवती महिलाओं के प्रसव के बाद कमजोर बच्चे और मां के बेहतर इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में रेफर किया जाता था. लेकिन स्वास्थ्य विभाग की पहल पर सदर अस्पताल में स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट की शुरुआत की गई है. इस नए केयर यूनिट में कुल 28 नवजात बच्चों को रखने की व्यवस्था है. इस केयर यूनिट में बच्चों के विशेष रख-रखाव के लिए संसाधन की व्यवस्था की गई है.

स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट के उदघाटन के मौके पर स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष सदर अस्पताल प्रबंधन की ओर से कई समस्याओं की चर्चा की गई. वर्तमान में अस्पताल के 100 बेड को बढ़ाकर 200 बेड की व्यवस्था करने की अपील की गई है. पारा मेडिकल स्टाफ की कमी को बताया गया साथ ही अस्पताल की ओर से सर्जरी और एक्सरे विभाग में चिकित्सक की कमी को बताया गया है.

शिशु मृत्यु दर में आएगी कमी मंत्री बन्ना गुप्ता ने बताया है कि जिले के इस सदर अस्पताल की व्यवस्था सबसे अलग और बेहतर है, लेकिन जो कमी है उसे जल्द ही दूर किया जाएगा. सरकार चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर करने के लिए काम कर रही है. उन्होंने बताया है कि सदर अस्पताल में स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट के शुरू हो जाने से नवजात शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी.
नवजात बच्चों को जन्म देने वाली मां भी स्वस्थ रहेगी. उन्होंने बताया है कि कन्या भ्रूण हत्या को रोकने को लेकर एक कमेटी बनाई गई है, जिसके तहत भ्रूण हत्या को रोकने के लिए सरकार काम कर रही है. अस्पताल में पारा मेडिकल की कमी को देखते हुए सरकार उन्हें फिर से काम पर लाने की व्यवस्था कर रही है. जिससे चिकित्सा व्यवस्था में कोई कमी नहीं रह पाए.