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सांसद विद्युत वरण महतो के बेटे की राजनीति में इंट्री

जमशेदपुर में सांसद विद्युत वरण महतो ने बहरागोड़ा में अपने बेटे कुणाल महतो को भी उतार दिया है. सांसद को पूर्ण विश्वास है कि भाजपा अगली बार उनके पुत्र कुणाल महतो को बहरागोड़ा विधानसभा से टिकट देगी. इसके चलते कुणाल षाड़ंगी की भी चिंता बढ़ गई है.

घाटशिला: जमशेदपुर भाजपा में आपसी राजनीति तेज हो चुकी है. भाजपा में लगातार राजनीतिक गतिविधियां तेज हो चुकी हैं. ऐसे में बड़ा कदम भाजपा के जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने उठाया है. बहरागोड़ा जमशेदपुर भाजपा ग्रामीण हो या महानगर, सबका अड्डा बन चुका है, क्योंकि पूरी राजनीति का केंद्र बिंदू वहीं बनकर उभरा है. क्योंकि बहरागोड़ा के पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी और बहरागोड़ा से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी के बीच आपसी समझौता हो गया है वे दोनों मिलकर काम करने लगे हैं तो पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी संसदीय चुनाव में अपने कदम आगे बढ़ा चुके हैं.
ऐसे में सांसद विद्युत वरण महतो खुद आपे से बाहर हैं और कुणाल षाड़ंगी के बढ़ते हस्तक्षेप के बाद बहरागोड़ा में भी ध्यान केंद्रित कर चुके हैं. सांसद ने बहरागोड़ा में अपने बेटे कुणाल महतो को भी उतार दिया है. सांसद को पूर्ण विश्वास है कि भाजपा अगली बार उनके पुत्र कुणाल महतो को बहरागोड़ा विधानसभा से टिकट देगी. इसके चलते कुणाल षाड़ंगी की भी चिंता बढ़ गई है. बता दें कि विद्युत वरण महतो बहरागोड़ा से जेएमएम में रहते हुए विधायक भी रह चुके हैं. उनके हटने के बाद कुणाल षाड़ंगी चुनाव जीते थे, जो इस बार के चुनाव में हार गए और फिर डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी के साथ समझौता कर जमशेदपुर लोकसभा की राजनीति में सक्रिय हो चुके हैं
सांसद विद्युत वरण महतो कोरोना काल में जहां प्रथम लॉकडाउन से ही जरूरतमंदों की सेवा में लगे हैं. जमशेदपुर लोकसभा का क्षेत्र वृहत होने के कारण सांसद हर समय हर स्थान पर लोगों की सेवा करने में समय पर पहुंच नहीं पा रहे थे, जिससे उनकी समय बाधता को देखते हुए और अपने पिता की सेवाभाव से प्रभावित होकर कुणाल महतो अपने पिता की कर्म भूमि और राजनीति की शुरुआत बहरागोड़ा में आकर तूफानी दौरा कर लोगों की समस्याओं से अवगत हुए और कई जरूरतमंद लोगों को आर्थिक सहयोग किया. इस मौके पर कुणाल महतो ने कहा कि वे अपने पिता की सेवाभाव से प्रभावित होकर और बहरागोड़ा की जनता के प्यार और भरोसे से आकर्षित होकर वे पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए लोगों की सेवा करने का काम शुरू किया है, ताकि उनके पिता सांसद के सेवा कार्य में हाथ बंटा सके.
कुणाल महतो ने कहा कि पिता की इच्छा रहने पर भी हर जगह उपस्थित होने में असमर्थ हैं. अपने पिता को दिन-रात जनता की सेवा में तत्पर रहते देख इस कोरोना काल में उन्होंने भी अपने पिता की तरह जन सेवा करने की बात कही है. उन्होंने कहा कि वे आगे भी बहरागोड़ा समेत अन्य लोकसभा क्षेत्र में जाकर जनसेवा करने का काम करेंगे. सांसद विद्युत वरण महतो के पुत्र कुणाल महतो ने सबसे पहले बहरागोड़ा शाखा मैदान में 150 ट्रॉली चालकों के बीच सूखा राशन, लुंगी, मास्क का वितरण किया. इसके बाद चंदनाशोल में पहराज मुंडा को ट्राई साईकल खरीदने के लिए 4000 रुपये और पूर्वांचल में एक निर्धन परिवार को श्राद्ध कर्म में सहयोग करते हुए 2000 रुपये दिया. सांसद के पुत्र कुणाल महतो के बहरागोड़ा पहली बार आने पर युवा कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी के साथ मोटरसाइकिल जुलूस निकालकर भव्य स्वागत किया. कुणाल महतो ने भी मोटरसाइकिल पर बैठकर कार्यकर्ताओं के साथ क्षेत्र का दौरा किया. अब यह कह सकते हैं कि बहरागोड़ा विधानसभा में सांसद पुत्र कुणाल महतो की इंट्री हो चुकी है, इसको देखते हुए विपक्षियों में हड़कंप मच गया है और इसके साथ ही सांसद के विरोधियों में भी हड़कंप मच गया है. इस मौके पर गौरव पुस्टि, गौतम महतो, मुन्ना पॉल, विश्वजीत राणा, पिकलु घोष, नारायण राणा, चंदन शीट, अरुण पात्रा, श्याम दे, कुना पात्र समेत अन्य उपस्थित थे.