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रिम्स में जांच मशीनों की खरीद को मिली हरी झंडी, हाई कोर्ट में सरकार ने दी जानकारी

रिम्स में जांच मशीनों की खरीद को मिली हरी झंडी, हाई कोर्ट में सरकार ने दी जानकारी

रिम्स में जांच उपकरण नहीं होने से गरीब मरीजों को बाहर जाकर जांच करवाना पड़ता है जिसमें अधिक पैसे देने पड़ते हैं. अदालत ने राज्य सरकार से यह पूछा था कि रिम्स में जांच उपकरण क्यों नहीं हैं?

रांची: रिम्स में जांच उपकरण नहीं रहने के कारण गरीबों को आए दिन अधिक पैसा देकर जांच कराना पड़ता था. अब गरीबों को ऐसी कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा. झारखंड सरकार ने हाई कोर्ट में जवाब दाखिल कर बताया है कि रिम्स में जांच उपकरण के लिए मशीन खरीदी जानी हैं, तकनीकी कारणों से नहीं खरीददारी नहीं हो पा रही है. उसे अब जेम पोर्टल के माध्यम से खरीदी जा सकती है. उन्होंने कहा कि अगर जेम पोर्टल में सिंगल बिड आता है तो पहली बार उसे रद्द कर दिया जाएगा. दूसरी बार भी अगर सिंगल विधि आता है तो टेंडर निर्धारित करने वाले अधिकारी से वरीय अधिकारी की अनुमति पर उपकरण की खरीद की जा सकती है.
झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डॉ रवि रंजन और न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत में सुनवाई के दौरान पूर्व में यह जानकारी दी गई थी कि रिम्स में जांच उपकरण नहीं होने से गरीब मरीजों को बाहर जाकर जांच करवाना पड़ता है जिसमें अधिक पैसे देने पड़ते हैं. अदालत ने राज्य सरकार से यह पूछा था कि रिम्स में जांच उपकरण क्यों नहीं है? जिस पर सरकार की ओर से बताया गया था कि बार-बार टेंडर निकाला जाता है और तकनीकी कारण से खरीद नहीं हो पा रही है, जिस पर अदालत ने सरकार से पूछा था कि जेम पोर्टल पर क्यों नहीं खरीद की जाती है?
रिम्स की ओर से बताया गया कि इस पर भी सिंगल बिड आ जाने के कारण खरीदी नहीं हो पा रही है. अदालत ने राज्य सरकार से जवाब मांगा था. उसी आदेश के आलोक में सरकार की ओर से बताया गया कि जेम पोर्टल के माध्यम से उपकरण खरीदी जाएगी. अदालत ने रिम्स और राज्य सरकार से मामले में प्रगति रिपोर्ट पेश करने को कहा है.