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राष्ट्रीय पोषण माह की शुरुआत, गांव-गांव में ‘सही पोषण-देश रोशन’ का दे रहे संदेश

पश्चिमी सिंहभूम जिला में राष्ट्रीय पोषण माह की शुरुआत हो चुकी है. पोषण जागरूकता रथ गांव-गांव में ‘सही पोषण-देश रोशन’ का संदेश दे रहे हैं. इससे पहले गुरुवार को बाल विकास और सामाजिक सुरक्षा विभाग की मंत्री जोबा मांझी ने सोनुवा प्रखंड कार्यालय परिसर से पोषण कार्यालय परिसर से पोषण जागरूकता रथ को रवाना किया था.

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत सोनुवा प्रखंड कार्यालय परिसर से ‘सही पोषण-देश रोशन’ के उदघोष के साथ झारखंड राज्य की महिला, बाल विकास और सामाजिक सुरक्षा विभाग मंत्री जोबा मांझी ने हरी झंडी दिखाकर पोषण जागरूकता रथ को रवाना किया. पोषण जागरूकता रथ जनमानस को स्वास्थ्य संबंधी समस्या के प्रति सजग करने, विशेषकर गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों के खानपान और स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से निकाला गया है. वहीं, राष्ट्रीय पोषण माह 1 सितंबर से 30 सितंबर तक आयोजित किया जाएगा.
पोषण जागरूकता रथ को रवाना करने से पूर्व मंत्री जोबा मांझी के नेतृत्व में उपस्थित सभी पदाधिकारी और आंगनबाड़ी की सेविका सहायिका की ओर से कुपोषण को जड़ से मिटाने का संकल्प दोहराते हुए शपथ ली गई. इस मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी समीर कच्छप, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी बसंती ग्लाडिस बाड़ा सहित बाल विकास परियोजना पदाधिकारी उपस्थित रहे.
मंत्री जोबा मांझी ने कहा कि बाल विकास और सामाजिक सुरक्षा विभाग के तहत राष्ट्रीय पोषण माह 1 सितंबर से 30 सितंबर तक आयोजित किया जाएगा. जिले में इसकी शुरुआत गुरुवार से सोनुवा प्रखंड कार्यालय परिसर से की गई है. इस कार्य के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी सोनुवा, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के साथ-साथ उपस्थित सभी सेविका, पर्यवेक्षिका और सहायिका बधाई की पात्र हैं. संबोधन में जोबा मांझी ने कहा कि विभाग के अंतर्गत समाज के बच्चों, महिलाओं को स्वस्थ बनाने के लिए सही पोषण के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया जा रहा है. साथ ही झारखंड राज्य सरकार के संकल्प का विभाग बखूबी निर्वहन अपने-अपने पोषण क्षेत्रों में पूर्ण जिम्मेदारी के साथ कर रहा है. वहीं, सरकारी कार्य योजनाओं को धरातल पर उतारते हुए समाज के बच्चों और महिलाओं तक पोषण की जानकारी गांव-गांव में पहुंचाने का कार्य तन्मयता के साथ करें
मंत्री ने कहा कि विश्वास है कि समाज के कमजोर वर्ग के बच्चों पर इनका असर आज नहीं दिखेगा, आने वाले भविष्य में, आने वाले 10-40 वर्षों में यह समाज अन्य वर्ग और समुदाय के जैसा खड़ा होगा. इसी के तहत राष्ट्रीय पोषण माह की शुरुआत की गई है. इस अवसर पर संकल्प लिया है कि समाज को स्वस्थ और मजबूत बनाने में अपने-अपने जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे.