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पन्द्रह कोरोना संक्रमितों ने अस्पताल में भर्ती होने से किया इनकार, सिविल सर्जन ने मांगा पुलिस से सहयोग

कुणाल सारंगी

एक तरफ गढ़वा में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ता जा रहा है तो वहीं दूसरी तरफ कोरोना संक्रमित मरीजों ने अस्पताल में भर्ती होने से मना कर दिया है. मरीजों का कहना है कि रिपोर्ट गलत है. जिसके बाद सिविल सर्जन ने पुलिस से सहायता मांगी है.

गढ़वा: जिले में तीव्र गति से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को रोकने में एक बड़ी अड़चन सामने आने लगी है. जिला मुख्यालय में कोरोना पॉजिटिव पाए गए 15 लोगों ने कोविड हॉस्पिटल में भर्ती होने से इनकार कर दिया है. इन लोगों ने कोरोना जांच की रिपोर्ट पर ही सवाल खड़ा कर दिया है. सिविल सर्जन ने ऐसे लोगों से निपटने के लिए पुलिस की सहयोग मांगी है.
बता दें कि जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है. कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और पुलिस प्रशासन सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. इस परिस्थिति में एक बड़ी अड़चन सामने आ गयी है. कोरोना पॉजिटिव पाए गए लोग हॉस्पिटल में इलाज कराने के बजाय छूट्टा सड़कों पर घूम रहे हैं और अपने घरों में भी स्वतंत्र जीवन जी रहे हैं. मेडिकल टीम जब उन्हें लेने गयी तो वे उन्हें डांटकर वापस भेज दिए. ऐसी हालत में कोविड के खिलाफ गढ़वा में लड़ी जा रही जंग न सिर्फ कमजोर होगी बल्कि निष्फल हो जाएगी
सिविल सर्जन डॉ एन के रजक ने कहा कि कोरोना पॉजिटिव 15 लोग कोविड अस्पताल में भर्ती होने से इनकार कर चुके हैं. उनका कहना है कि उनके अंदर कोरोना का कोई लक्षण नहीं है. जांच रिपोर्ट फेक है. सिविल सर्जन ने कहा कि उन सबकी जांच रांची में हुई है. जिस पर उंगली नहीं उठाया जा सकता है. सिविल सर्जन ने बीडीओ को पुलिस का सहयोग प्राप्त कर कोरोना पॉजिटिव पाए गए लोगों को जबरन हॉस्पिटल में भर्ती कराने को कहा है.