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नेपाल में राजनीतिक संकट गहराया

कुणाल सारंगी

नई दिल्ली: नेपाल में जारी राजनीतिक संकट बढ़ता जा रहा है। सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) की स्टैंडिंग कमेटी की मीटिंग मंगलवार को 9वीं बार स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की गैरमौजूदगी में पार्टी सह-अध्यक्ष पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने कमेटी के मेंबर्स के साथ पीएम आवास पर ही मीटिंग की। इसके साथ ही नेपाल का सियासी संकट और गहरा हो गया है।

पीएम आवास में होनी थी मीटिंग
ओली और प्रचंड के बीच मतभेदों को दूर करने के लिए स्टैंडिंग कमेटी के 45 मेंबर्स की मीटिंग मंगलवार सुबह 11 बजे पीएम आवास पर होनी थी। लेकिन, ओली के वहां मौजूद न होने की वजह से मीटिंग को फिर टालना पड़ा। पार्टी के एक नेता ने बताया कि प्रधानमंत्री ने प्रचंड की सलाह के बिना ही मीटिंग टाल दी। प्रचंड के नेतृत्व वाला गुट करीब 11 बजे ही प्रधानमंत्री के बालू वाटर स्थित सरकारी आवास पर पहुंच गया था।

हालांकि पार्टी के एक नेता ने बताया कि ओली के करीबी मेंबर इस मीटिंग में शामिल नहीं हुए। लेकिन, काठमांडू पोस्ट के हवाले से न्यूज एजेंसी ने बताया कि प्रचंड की मीटिंग दोपहर करीब 3 बजे शुरू हुई। इसमें 25 मेंबर्स ने हिस्सा लिया। मीटिंग करीब 1 घंटे तक चली।

आने वाले दिनों में तय होगी मीटिंग की तारीख
स्टैंडिंग कमेटी के मेंबर गणेश शाह ने बताया कि मीटिंग को अनिश्चितकाल काल के लिए टाल दिया गया है। दोनों नेताओं को अभी और समय की जरूरत है। वहीं प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार सूर्य थापा ने बताया कि दोनों नेता आपस में चर्चा करने बाद मीटिंग की अगली तारीख तय करेंगे।

कुछ दिन पहले आईं थी समझौते की खबरें
कुछ दिनों पहले ओली और प्रचंड के बीच समझौते की खबरें भी आईं थीं। दावा किया गया था कि दोनों नेता इस साल के अंत में पार्टी का सम्मेलन बुलाने की शर्त पर राजी हुए थे। समझौते का मतलब साफ था कि प्रचंड अब प्रधानमंत्री ओली के इस्तीफे की अपनी मांग को छोड़ देंगे। प्रचंड की मांग की वजह से ही एनसीपी में आंतरिक गतिरोध के चलते टूट का खतरा मंडरा रहा था।