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मानव तस्करी रोकने की दिशा में बड़ी पहल, झारखंड के 16 जिलों में खुला एएचटीयू थाना

झारखंड को मानव तस्करी के दंश से बचाने के लिए सरकार लगातार पहल कर रही है. इसी कड़ी में मानव तस्करी रोकने की दिशा में बड़ी पहल हुई है, जिसमें झारखंड के 16 जिलों में एएचटीयू थाना खोले गए हैं. इसके लिए अधिसूचना भी जारी कर दी गई है.

रांचीः झारखंड में मानव तस्करी रोकने के लिए बड़ी पहल की गई है. इसके तहत राज्य के 16 जिलों में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) थाने खोल दिए गए हैं. इसके लिए झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है.
बता दें कि भारत सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार ने यह थाना खोले हैं. सभी संबंधित जिलों के एक थाने में एएचटीयू थाना होगा. लेकिन इस थाने का कार्यक्षेत्र संर्पूण जिले में होगा. थाना में अवैध मानव व्यापार से संबंधित मामले दर्ज होंगे, साथ ही इनका अनुसंधान भी होगा. इन थानों की ओर से अवैध मानव व्यापार की रोकथाम के लिए अपराध, अपराधियों इससे संबंधित गिरोहों का पूरा डाटा बेस भी तैयार किया जाएगा.
धनबाद के टाउन थाना, पूर्वी सिंहभूम के घाटशिला, सरायकेला- खरसांवा के सरायकेला, गढ़वा के महिला और बाल संरक्षण थाना, हजारीबाग के सदर, कोडरमा के तिलैया, चतरा के सदर, रामगढ़ के महिला, बोकारो के बेरमो, पाकुड़ के लिट्टिपाड़ा, देवघर के जसीडीह, जामताड़ा के नारायणपुर, साहिबगंज के साहिबगंज सदर, गोड्डा के सदर, गिरिडीह के सदर और लातेहार के सदर थाना में एएचटीयू थाना खोला गया है.
राज्य के आठ जिलों में साल 2016 से ही एएचटीयू थाना कार्यारत है. एएचटीयू थानों की वजह से मानव तस्करी रोकने में बड़ी सफलताएं मिली हैं. एएचटीयू थानो को लेकर गृह मंत्रालय ने 2 जून 2020 को कई दिशा निर्देश जारी किए थे. इन थानों के लिए निर्भया फंड के तहत आधारभूत संरचना के लिए खर्च किए जाने का निर्देश दिया गया था. राज्य में तीन करोड़ से अधिक की राशि इन थानों के गठन पर खर्च होगी.