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लखीसराय शहर कंटेनमेंट जोन, सज रहा बाजार

कुणाल सारंगी

लखीसराय शहर की बात की जाए तो पूरा शहर ही कंटेनमेंट जोन है। यानी यहां ऐसी कोई भी गतिविधि नहीं होगी, जिससे संक्रमण बढ़ने की परिस्थिति बने। नियमत: दुकानों को नहीं खुलना है, लोगों की चहल-पहल पर भी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। वहीं दूसरी तरह देखा जाए तो पूरे शहर में हर रोज मेले सा नजारा दिख रहा है। न लोग कुछ समझने को तैयार हैं और न ही जिला प्रशासन ही इस व्यवस्था पर लॉकडाउन लगा पा रहा है। नतीजतन लगातार संक्रमण का खतरा बढ़ता ही जा रहा है।

जिले में इन दिनों संक्रमण दर लगातार बढ़ रहा है। जून में तीन फीसदी, जुलाई में 22 और अब अगस्त में संक्रमण दर बढ़कर 30 के पार चला गया है। लगातार बढ़ते संक्रमण दर के बावजूद लोग सचेत होने को तैयार नहीं है। यहां के लोगों ने कंटेनमेंट जोन का मतलब ही उलटकर रख दिया है। शहर के चितरंजन रोड, नया बाजार, पुरानी बाजार, पचना रोड कंटेनमेंट जोन है। इन इलाके में तरह-तरह की दुकानें हैं और हर रोज सज भी रहीं हैं। इन इलाकों में सौ से अधिक की संख्या में अबतक कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पहचान हो चुकी है। हद तो तब हो जा रही है, जब खुद कोरोना पॉजिटिव मरीज भी अपनी दुकान खोलकर बैठ रहे हैं और लोगों को इस बात की जानकारी नहीं हो रही है कि संबंधित व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव है या सामान्य है।

पचना रोड की स्थिति नहीं सुध रही

सबसे बुरा हाल पचना रोड कंटेनमेंट जोन का है। यहां जरूरी सामानों के इतर गैर जरूरी दुकानें भी दुकानदार बेहिचक खोल रहे हैं। सिमेंट-छड़, कपड़े, मोबाइल, बर्तन, फर्नीचर आदि दुकानें खुली रहती हैं। पूरे दिन दुकानें में ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है। इस इलाके में भी ज्यादातर दुकानदार शनिवार को मास्क लगाते नहीं दिखे। यहां लोगों में नियम कानून का कोई भय है ही नहीं। सोशल डिस्टेंसिंग के लिए न तो कहीं घेरा है और न ही दुकानदार ऐसे प्रयास करते दिख रहे हैं। दुकानदार अपनी कमाई के चक्कर में लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करना ठीक समझ रहे हैं।

सुबह में स्थिति बन रही है भयावह

कबैया थाना क्षेत्र के पचना रोड सहित नया बाजार की मुख्य सड़कों पर स्थिति सबसे अधिक भयावह देखी जा रही है। लोगों की यहां इस तरह भीड़ उमड़ रही है, मानों यहां कोरोना हो ही नहीं। लोग सामान्य दिनों की तरह व्यवहार कर रहे हैं। इस इलाके की बात की जाए, तो यहां सबसे अधिक दुकाने हैं। लगभग सभी तरह की दुकानें यहां मौजूद हैं। ऐसे में बाजार करने पहुंच रहे लोग यहां आना बेहतर समझते हैं। यह भी वजह है कि नया बाजार की सड़कों पर लोगों की सबसे अधिक भीड़ लगती है। ऐसा कोरोना काल में भी देखने को मिल रहा है। स्थानीय पुलिस भी भीड़ पर काबू पाने में विफल साबित हो रही है।