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कुख्यात बिट्टू मिश्रा के कानूनी दांव पेंच में उलझी पुलिस, गिरफ्तार करने बाद भी नहीं भेज पाई जेल

कुणाल सारंगी

रांची पुलिस ने कुख्यात अपराधी बिट्टू मिश्रा को गिरफ्तार किया था, लेकिन जब उसे जेल भेजने के लिए कोर्ट में पेश करने ले गई तो हाई कोर्ट का नो-कोर्सिव ऑर्डर देख कोर्ट से बिट्टू मिश्रा को वापस लौटा दिया. बिट्टू को गिरफ्तार करने के बाद छोड़ना रांची

पुलिस के लिए हास्यास्पद बन गई. बिट्टू मिश्रा को इसी साल मार्च महीने में रांची के रातू थाने में दर्ज कराए गए एक करोड़ की रंगदारी के मामले में गिरफ्तार किया गया था.

रांची: पुलिस को अब कुख्यात अपराधी भी कानूनी दांव-पेंच में फंसा कर चुनौती देने लगे हैं. रांची पुलिस ने कुख्यात अपराधी बिट्टू मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन जब उसे जेल भेजने के लिए कोर्ट में पेश करने ले गई तो हाई कोर्ट का नो-कोर्सिव ऑर्डर (कार्रवाई पर रोक का आदेश) देख कोर्ट से बिट्टू मिश्रा को वापस लौटा दिया.
दरअसल पकड़े जाने के बाद बिट्टू मिश्रा ने नो-कोर्सिव ऑर्डर की बात पुलिस को बताई थी. इसके बावजूद पुलिस ने जब बिट्टू मिश्रा को गिरफ्तार किया और उसे लेकर कोर्ट पहुंची तो कोर्ट ने उसे वापस लौटा दिया, जिसके बाद पुलिस अपराधी के सामने बैकफुट पर आ गई. बिट्टू को गिरफ्तार करने के बाद छोड़ना रांची पुलिस के लिए हास्यास्पद बन गई. पुलिस को बिट्टू मिश्रा को पीआर बांड पर छोड़ना भी पड़ गया, क्योंकि उनके पास बिट्टू को जेल भेजने का कोई आधार ही नहीं मिला.
जानकारी के अनुसार बिट्टू मिश्रा को इसी साल मार्च महीने में रांची के रातू थाने में दर्ज कराए गए एक करोड़ की रंगदारी के मामले में गिरफ्तार किया गया था. उस समय बिट्टू मिश्रा सहित 5 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. एफआईआर धुर्वा निवासी जमीन कारोबारी लाल बद्री नाथ शाहदेव ने दर्ज कराई थी, जिसमें कुख्यात अपराधी बिट्टू मिश्रा सहित अन्य अपराधी पर एक जमीन को छोड़ने या फिर एक करोड़ रुपये रंगदारी मांगने का आरोप लगाया था. इस मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था, लेकिन जब तक पुलिस बिट्टू को गिरफ्तार कर पाती उससे पहले ही बिट्टू मिश्रा ने कोर्ट से नो-कोर्सिव ऑर्डर ले लिया ।
पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था, लेकिन जब तक पुलिस बिट्टू को गिरफ्तार कर पाती उससे पहले ही बिट्टू मिश्रा ने कोर्ट से नो-कोर्सिव ऑर्डर ले लिया था. पुलिस को जानकारी मिली थी कि अगस्त महीने तक ही बिट्टू मिश्रा के लिए नो-कोर्सिव ऑर्डर मिली है, जबकि कोर्ट में पेसी के दौरान पुलिस को पता चला कि 9 सितंबर 2020 तक के लिए ऑर्डर मिला हुआ है.
कुख्यात अपराधी बिट्टू मिश्रा को जब कोर्ट ने लौटा दिया तब पूरे जिले के सभी थानों में बिट्टू के खिलाफ केस खंगाला गया. बिट्टू के खिलाफ जितने भी केस मिले सभी में वह जमानत पर था. इससे पुलिस चाह कर भी बिट्टू पर कोई कार्यवाई नहीं कर सकी. बता दें कि बीते मंगलवार को बिट्टू मिश्रा को रातू थाने की पुलिस ने पकड़ा था. पूरी रात पूछताछ के बाद बुधवार को पुलिस बिट्टू को लेकर कोर्ट में प्रस्तुत करने पहुंची थी, जहां से बिट्टू को लौटा दिया गया. हालांकि बिट्टू मिश्रा हाल के दिनों में रातू, नगड़ी और पंडरा इलाके में सक्रिय है. वह जमीन के धंधे से जुड़ा हुआ है. बिट्टू मिश्रा को पुलिस ने हाल में तड़ीपार किया था. इसके बावजूद वह रांची में बेखौफ घूम रहा था. तड़ीपार अवधि समाप्त होने के बाद वह जमीन के धंधे से जुड़ गया था और कई बेशकीमती जमीनों पर कब्जा और रंगदारी का खेल कर रहा है. हाल के दिनों में बिट्टू मिश्रा पुलिस की रडार पर था.