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कोरोना काल में टाटानगर रेलवे स्टेशन में कैसी है व्यवस्था

कुणाल सारंगी

जमशेदपुर:झारखण्ड वाणी संवाददाता:टाटानगर रेलवे स्टेशन में वर्तमान में 500 से भी कम यात्रियों का आगमन और प्रस्थान हो रहा है. इस दौरान सिर्फ यात्रा करने वाले यात्रियों को स्टेशन के अंदर जाने दिया जा रहा है. ट्रेन के आने से पहले उन्हें प्लेटफॉर्म पर सोशल डिस्टेंसिंग के तहत बैठाया जा रहा है.

जमशेदपुर: देश में कोरोना को फैलने से रोकने के लिये लॉक डाउन किये जाने के बावजूद आज संक्रमित मरीजों की संख्या 10 लाख पार हो चुकी है. ऐसे में रेल मंत्रालय की ओर से चलाई जा रही सौ जोड़ी ट्रेन जिन स्टेशन से होकर गुजरती है उन स्टेशनों में कोविड 19 से बचने के लिए की गई व्यवस्था की जानकारी
साउथ ईस्टर्न रेलवे का चक्रधरपुर मंडल अंतर्गत मॉडल स्टेशन टाटानगर से तीन जोड़ी ट्रेन गुजरती है. जिनमें भुवनेश्वर नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, पूरी नई दिल्ली पुरूषोत्तम एक्सप्रेस, हावड़ा बड़बिल जन शताब्दी. इन ट्रेनों के आने और जाने के समय में टाटानगर रेलवे स्टेशन में रेल प्रशासन पूरी तरह से सावधानी बरती जा रही है.
साथ ही 1 से 5 तक प्लेटफॉर्म में सोशल डिस्टेंसिंग के लिए मार्क किया गया है. ट्रेन में सफर करने से पूर्व प्लेटफॉर्म में अंदर जाने के समय यात्रियों के सामान को सैनिटाइज किया जा रहा है. जिसके बाद यात्री प्लेटफॉर्म में प्रवेश करते है इस दौरान उन्हें रेलवे से लगाई गई नए सिस्टम से होकर गुजरना पड़ता है. स्टेशन परिसर के अंदर और बाहर आरपीएफ के जवान मुस्तैद रहते है जिनकी नजर आने और जाने वाले यात्रियों पर रहती है.
बिना हैंड्स ग्लब्स और मास्क के अंदर जाने से रोक लगाई गई है. प्लेटफॉर्म गेट से पहले आत्मा नामक सिस्टम में यात्रियों की टिकट की जाँच के अलावा उनका टेम्परेचर की जांच होती है. जिसके बाद ही प्लेटफार्म में प्रवेश करते है. सुरक्षा को देखते हुए 1 नंबर प्लेटफॉर्म में पुरी तरह से बेरिकेटिंग की गई है, जहां रेलवे की मेडिकल की टीम के अलावा जिला प्रशासन की टीम मौजूद रहती है.
अंदर जाने वाले पैसेंजर को आरपीएफ के जवान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाते हुए, उन्हें प्लेटफॉर्म तक पहुंचाते हैं. वहीं स्टेशन परिसर में कोविड-19 के गाइडलाइन से सम्बंधित पोस्टर लगाए गए हैं. ड्यूटी पर तैनात रेल कर्मचारी नियम का पालन करते हुए डयूटी में है.
टाटानगर रेल के क्षेत्रीय प्रबंधक एरिया मैनेजर विकास कुमार ने बताया है कि रेल के इतिहास में पहली बार ट्रेन बंद हुई है. कोरोना काल में अभी टाटानगर से होकर तीन जोड़ी ट्रेन गुजर रही है, इस दौरान पूरी तरह से सावधानी भी बरती जा रही है. उन्होंने बताया है कि आत्मा सिस्टम के जरिये यात्रियों की पूरी जांच की जा रही इसमें रेल कर्मचारी यात्री से सीधे संपर्क में नही रहते है. केबिन में बैठ कर पूरी मॉनिटरिंग की जाती है, इससे संक्रमण फैलने का डर कम रहता है.आपको बता दें की वर्तमान में 5 सौ से भी कम यात्रियों का आगमन और प्रस्थान हो रहा है. सिर्फ यात्रा करने वाले यात्रियों को स्टेशन के अंदर जाने दिया जा रहा है. ट्रेन के आने से पहले उन्हें प्लेटफॉर्म पर सोशल डिस्टेंसिंग के तहत बैठाया जा रहा है.
टाटानगर से सफर पर जाने वाले यात्री डॉ एस के घोष ने बताया है की स्टेशन की ऐसी सन्नाटे वाली हालत देखकर अच्छा नहीं लग रहा है. जल्द सब ठीक हो, जिससे स्टेशन गुलजार हो सके. उन्होंने रेल प्रशासन से सुरक्षा के लिए किये गए इंतजाम को बेहतर बताया है. वहीं अनुष्का और शान ने बताया है कि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिये की गई व्यवस्था अच्छी है बिना टिकट के आने से रोक लगाना अच्छी पहल है. रेलवे स्टेशन पर की गई तैयारियों से यात्रियों के चेहरे पर सुकून और उनके अनुभवों से साफ जाहिर होता है कि सभी लोग यहां की गई व्यवस्थाओं से खुश हैं. इस नाजुक दौर में किसी सार्वजनिक स्थान पर की गई व्यवस्थित व्यवस्थाओं के लिए अगर किसी नजीर की जरुरत हो तो टाटा नगर रेलवे स्टेशन से बेहतर उसके लिए कुछ और नहीं हो सकता.