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कोरोना काल में पुलिस की ड्यूटी है बड़ी चुनौती

सरायकेला में कोरोना संक्रमण के साथ-साथ अपराध की घटनाएं भी जिले में बढ़ गई हैं. आए दिन कई तरह की घटनाएं देखने को मिलती हैं. इसे लेकर पुलिस अपनी डयूटी में जुटे हैं. पुलिसकर्मियों पर अपराध नियंत्रण के साथ-साथ कोरोना संक्रमण के रोकथाम का भी भार है.

सरायकेला: कोरोना संक्रमण का खतरा जिले में लगातार बढ़ता जा रहा है. जिले में कोरोना संक्रमित की संख्या में इजाफा होने के साथ-साथ संक्रमण रोकथाम अब एक चुनौती के रूप में सामने आ रही है. वहीं, वर्तमान कोविड-19 के दौर में पुलिस के लिए भी यह सदी की सबसे बड़ी त्रासदी और चुनौती बनकर उभर रही है कोरोना के इस दौर में पुलिसकर्मी लगातार संक्रमित हो रहे हैं. ऐसे में राज्य समेत जिला पुलिस के लिए भी सदी की सबसे बड़ी चुनौती कोरोना के साथ-साथ अपराध नियंत्रण भी है. अब तक जिले के विभिन्न थानों में पदस्थापित सैकड़ों पुलिसकर्मी संक्रमित हो चुके हैं और कोरोना के चपेट में आ रहे हैं. ठीक होने वाले पुलिसकर्मियों को 15 दिनों तक क्वॉरेंटाइन किया जा रहा है. जबकि बाहर स्थानों पर ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों को भी क्वॉरेंटाइन कर सारे नियमों का पालन किया जा रहा है. ऐसे में जिला पुलिस को पुलिसिंग में अब दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है.
कोरोना संक्रमण काल में अपराध में भी इजाफा हुआ है. बावजूद इसके पुलिसकर्मी लगातार आपराधिक घटना और मामलों का भी उद्भेदन कर रही है. कोल्हान डीआईजी राजीव रंजन सिंह भी मानते हैं कि सदी कि यह बड़ी चुनौती पुलिसकर्मियों के सामने है. उन्होंने बताया कि संक्रमित पुलिस जवान इलाज के लिए क्वॉरेंटाइन हो रहे हैं, तो वही संक्रमण रोकथाम में दिन-रात पुलिसकर्मी लगे हुए हैं. निश्चित तौर पर पुलिसकर्मियों की एक बड़ी संख्या संक्रमण रोकने और खुद संक्रमित होने के बाद बचाव में लगी है. ऐसे में पुलिस कई प्रकार के समस्याओं का भी सामना कर रही है. इसके बावजूद पुलिसिंग में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही.
कोल्हान डीआईजी ने दावा किया है कि जिस रफ्तार से संक्रमण के इस काल में आपराधिक मामले बढ़े हैं, ठीक उसी रफ्तार में पुलिस ने सक्रियता के चलते अपराध के डिटेक्शन पर बेहतर काम किया गया है.