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कोरोना काल में जांच उपकरण को लेकर बढ़ा रूझान, इक्यूपमेंट खरीद लोग खुद कर रहे जांच

देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है. संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए कई तरह की गाइडलाइंस दी गई है, जो आज आम लोगों की दिनचर्या में शुमार है. वहीं आम जनता अपने स्वास्थ्य को लेकर जागरूक हुई है. इसके अलावा अपने

स्वास्थ्य की स्थिति को समझने के लिए लोग अब कुछ खास जांच और सर्जिकल उपकरण का सहारा ले रहे हैं. जिससे अब ऐसे उपकरण घर-घर तक पहुंच रहे हैं.

जमशेदपुरः कोरोना वायरस ने देश में कई व्यवस्थाएं बदल दी है. संक्रमण से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क पहनना, समय-समय पर साबुन से हाथ धोना या सेनेटाइजर का इस्तेमाल करना, आज लोग इसका पालन कर रहे हैं. महामारी के इस दौर में आम जनता खुद के स्वास्थ्य को लेकर अलर्ट हुई है. जिसको लेकर कोरोना काल में कुछ खास दवाओं की मांग बढ़ी है, क्योंकि संक्रमण के फैलने के कारण अस्पताल जाने की बात से लोग कतराने लगे हैं. आज लोग सर्जिकल और जांच के कुछ खास उपकरणों को लेकर खासा रूझान बढ़ा है. कोरोना को लेकर जैसा कि बताया गया है कि लगातार बुखार, सर्दी-खांसी, सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण कोरोना संक्रमितों में पाए जा रहे हैं, इसके अलावा डायबिटीज के मरीज में संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा और शरीर का रक्तचाप में कमी कोरोना संक्रमण का लक्षण है. शरीर में ऑक्सीजन, पल्स रेट, ब्लड प्रेशर और डायबिटीज का स्तर अब लोग खुद से रीडिंग ले रहे हैं और खुद की जांच भी कर रहे हैं. क्योंकि कोरोना की वजह से छोटी तकलीफों के लिए वे अस्पताल जाने से कतरा रहे हैं. शरीर का तापमान मापने के डिजिटल थर्मामीटर, ऑक्सीजन और पल्स मापने के लिए ऑक्सी मीटर, रक्तचाप यानी ब्लड प्रेशर मापने के लिए बीपी मीटर, डायबिटीज मापने के लिए ग्लूको मीटर, सर्दी के लिए वेपोराइजर और नेबुलाइजर जैसे जांच और सर्जिकल उपकरण की मांग कोरोना काल में काफी बढ़ गई है. ये उपकरण कभी अस्पताल नर्सिंग होम या डॉक्टर्स की क्लीनिक में देखने को मिलता था, समय के साथ सब कुछ बदलता चला गया अब ये उपकरण घर-घर पहुंचने लगे है.
डॉक्टर भी बताते हैं कि वर्तमान हालात में जनता को खुद से अपने स्वास्थ्य के प्रति अलर्ट रहना होगा. जमशेदपुर सदर अस्पताल के डॉक्टर शैलेन्द्र वर्मा ने बताया है कि कोरोना काल में जनता काफी जागरूक हुई है, समय के अनुसार कुछ जांच और सर्जिकल उपकरण खरीदकर घर में रखना फायदेमंद है. लेकिन सर्जिकल उपकरण डॉक्टर से पूछ कर ब्रांडेड लेना चाहिए, जिससे आगे कोई परेशानी नहीं हो. आम जनता कोरोना के लक्षण को देखते हुए अब इन सर्जिकल उपकरणों का इस्तेमाल कर संतुष्ट है. बीपी मीटर खरीदने वाले दीपक अग्रवाल ने बताया कि अपनी रक्षा के लिए वर्तमान समय मे ऑक्सी मीटर, बीपी मीटर, ग्लूको मीटर घर में रखना जरूरी है, जिससे समय-समय पर परिवार के सभी सदस्य की जांच कर सचेत रह सकते हैं.
जमशेदपुर शहर में जांच और सर्जिकल उपकरण डिस्ट्रीब्यूटर्स की संख्या 30 के लगभग है. जिनसे शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में रिटेल का कारोबार होता है. डिस्ट्रीब्यूटर विवेक मित्तल बताते हैं कि सामान्य दिनों की अपेक्षा कोरोना काल मे कुछ चुनिंदा जांच और सर्जिकल उपकरण की मांग दस गुना बढ़ गयी है. लोग अस्पताल जाना नहीं चाहते हैं घर में ही आक्सीजन, पल्स रेट, बीपी की जांच करना शुरू कर दिया है. इस वजह से डिजिटल थर्मामीटर की कीमत में काफी इजाफा हुआ है और वर्तमान में सप्लाई नहीं है. इसको लेकर विनोद कसेरा बताते हैं कि जिन उपकरणों का इस्तेमाल अस्पतालों में होता है आज उन उपकरणों को लोग खरीदकर अपने घर में रखकर जांच कर रहे हैं. इन उपकरणों की खपत बढ़ गई है, इन उपकरणों का उत्पादन कई नई कंपनियों ने भी शुरू कर दिया है, जिससे ब्रांडेड और नॉन ब्रांडेड उपकरणों की कीमत और क्वालिटी में कंपीटिशन बढ़ गया है. वे बताते हैं कि मौजूदा स्थिति में डिमांड बहुत ज्यादा, जिसकी पूर्ति दुकानदार नहीं कर पा रहे हैं.
बहरहाल कहा जाता है कि स्वास्थ्य ही असली धन है और इस धन को बचाए रखने के लिए वर्तमान समय में अस्पतालों में दिखने वाला उपकरण घरों तक पहुंच चुका है. समय के साथ लोगों ने इन उपकरणों का उपयोग कर कोरोना से हो रही जंग को जीतने के लिए लगातार प्रयासरत है. वहीं जांच और सर्जिकल उपकरणों को बाजार में एक नई पहचान भी मिली है.