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खोखले दावों की खुली पोल, पीएम जन औषधि केंद्र में दवाओं का स्टॉक खाली

कुणाल सारंगी

जामताड़ा सदर अस्पताल में खुला जन औषधि केंद्र दिखावा मात्र बनकर रह गया है. इस जन औषधि केंद्र का मरीजों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है. जिसके कारण मरीजों को बाहर से दवा खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ता है.
जामताड़ा: जिले के सदर अस्पताल में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र दिखावा मात्र बनकर रह गया है. जन औषधि केंद्र में दवा का स्टॉक नहीं है. जिसके कारण मरीजों को बाहर से दवा खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ता है.
सदर अस्पताल में कम दाम में उचित मूल्य पर गरीबों को दवा उपलब्ध हो और दवा के लिए लोगों को भटकना न पड़े. इसे लेकर प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोला गया है, लेकिन इस जन औषधि केंद्र में न ही पर्याप्त दवाएं स्टॉक रहता है और न ही यहां पर मरीजों को दवाएं मिल पाती है. जिसके कारण उन्हें काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है.
दिलचस्प बात यह है की सदर अस्पताल में उपाधीक्षक के कार्यालय के बगल में जन औषधि केंद्र खोला गया है, लेकिन उपाधीक्षक को इसकी जानकारी तक नहीं है. इस बारे में जब सदर अस्पताल के उपाधीक्षक से पूछा गया. तो उन्होंने बताया कि इसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है कितनी दवा है और कितना दवा नहीं है, कौन सी दवा वहां रखनी चाहिए.
सदर अस्पताल का आलम यह है कि मरीज डॉक्टर की पर्ची लेकर दवा काउंटर में दवा के लिए भटकते रहते हैं. दवा केंद्र में कोई समय पर उपलब्ध नहीं रहता और न ही समय पर दवाईयां मिल पाती हैं. जिसके कारण मजबूरन उन्हें बाहर जा कर दवा लेने के लिए मजबूर होना पड़ता है.
बहरहाल, जिस उद्देश्य से सदर अस्पताल में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोला गया है. उसका लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है और यहां के स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन इससे बिल्कुल ही बेखबर है.