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केन्द्र सरकार के द्वारा नागरिक सुविधा पर खलल डालने के खिलाफ उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन

जमशेदपुर:लोक स्वातंत्र्य संगठन की राष्ट्रीय ईकाई और सहमना संगठनों द्वारा भीमा कोरेगांव, दिल्ली दंगा और सीएए-एनआरसी के प्रतिवाद में शामिल आंदोलनकारियों के खिलाफ केन्द्र सरकार द्वारा चलाये जा रहे दमन के खिलाफ एक सप्ताह के विरोध कार्यक्रमों की श्रृंखला में जमशेदपुर के प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा आज उपायुक्त कार्यालय के समक्ष 12 बजे से 1 बजे तक विरोध प्रदर्शन किया गया।

विरोध प्रदर्शन में केन्द्र सरकार द्वारा नागरिकों के बुनियादी अधिकारों पर लगातार किये जा रहे हमलों के खिलाफ नारे लगाये गये। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि देश आज अघोषित आपातकाल से गुज़र रहा है। दिन-पर-दिन लोगों की अभिव्यक्ति की आज़ादी और अन्य लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमले बढ़ते जा रहे हैं। केंद्र सरकार देश को धर्मनिरपेक्षता और समानता के सार्वभौमिक मूल्यों के विरुद्ध विषमतामूलक बहुसंख्यकवाद की ओर ले जा रही है. साथ ही, सरकार की जन विरोधी नीतियों और विफलताओं पर सवाल उठाने वालों पर लगातार दमन कर रही है।

इसका एक स्पष्ट उदहारण है भीमा-कोरेगाँव मामला, जिसमें 12 सामाजिक कार्यकर्ताओं, वकीलों, लेखकों व शिक्षकों को फ़र्ज़ी आरोपों पर महीनों से जेल में डाला हुआ है। जिनमें आनंद तेलतुम्ब्ड़े, अरुण फ़रेरा, गौतम नवलखा, हनी बाबु, महेश राउत, सुरेन्द्र गाडलिंग, सुधा भारद्वाज, शोमा सेन, सुधीर धावले, सोना विल्सन, वर्नन गोंज़ाल्वेस और वरावरा राव शामिल हैं. कई अन्य लोगों को लगातार पूछ-ताछ और छापेमारी करके परेशान किया जा रहा है. झारखंड में स्टैन स्वामी एक ऐसे ही उदाहरण हैं।

ज्ञातव्य है कि 1 जनवरी 2018 को हज़ारों दलित, 200 साल पहले पेशवा राजा की सेना के विरुद्ध जंग में दलित सैनिकों की जीत  को शौर्य के उत्सव के रूप में मनाने के लिए हर साल की तरह महाराष्ट्र के भीमा-कोरेगाोंव में एकजुट हुए थे। इस मौके पर एक दिन पहले पास के पुणे में एलगार परिषद का आयोजन किया गया, जिसमें देश में बढ़ती
साम्प्रदायिकता और हिदुत्ववाद का विरोध किया गया। इस दौरान उस क्षेत्र में कई हिन्दुत्ववादी संगठनों द्वारा हिंसा की गई।
आयोजकों ने बताया कि यह विरोध प्रदर्शन सप्ताहांत तक चलेगा और इस क्रम में अगला प्रदर्शन 05 सिंंतम्बर को उपायुक्त कार्यालय के सामने 12 से 1 बजे तक पुनः आयोजित है।

आज के इस प्रर्दशन कार्यक्रम में मुख्य रूप से कुमार चंद्र मार्डी, डेमका सोय, अजित तिर्की, दीपक रंजीत, गौतम बोस, सुभाष चंद्र गुप्ता, बापी कर, गौतम सामंतरा, ऋषभ रंजन, अमरेन्द्र, प्रियांक प्रभात, युगांधर, कासिफ इकबाल, सुजय राय, डॉ राम कविंद्र, जिज्ञासु, सुनीता मुर्मू, सलीम अख्तर, युधिष्ठिर, अख्तर हसनैन, बीएन प्रसाद, एफ ए फ़ातिमी, अंकुर, अंकित, कमलेश साहू, राहत हुसैन, सुनील विमल, अशोक शुभदर्शी, ओमप्रकाश, विकास कुमार, मदन मोहन, जगत मंथन, बाबलु, मो हबीब, अजय कुमार शर्मा, अरविंद अंजुम एवं निशांत अखिलेश आदि शामिल थे