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कंगारू मदर केयर को अपनाऐ,इससे शिशु के स्वस्थ शरीर का होता है निर्माण

कुणाल सारंगी
  • माँ की धड़कन सुनकर शिशु को राहत का होता है एहसास,मिलता है आराम।
  • शिशु को माँ के सीने से चिपकाने से शिशु में होती है गर्माहट

समय पूर्व जन्म लेने वाले शिशु ना सिर्फ कम वजन के होते हैं, बल्कि ऐसे शिशु जन्म लेने बाद कई तरह के समस्याओं से घिर जाते हैं।इस स्थिति में लापरवाही करना तो और मुश्किल बढ़ा देती है।खासकर इस कोविड-19 के दौर में तो और ऐसे शिशु कई समस्याओं से घिर जाते हैं।ऐसे में इस तरह के शिशुओं का विशेष ख़्याल रखना जरूरी है। इस तरह के बच्चे के मानसिक एवं शारीरिक विकास के लिए कंगारू मदर केयर तरीके को अपनाना सबसे आसान एवं बेहतर उपाय है,जिससे शिशु का बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित किया जा सकता है।

बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास का होता है निर्माण:

जिला सिविल सर्जन पदाधिकारी डॉ आत्मानंद राय ने बताया कंगारू मदर केयर बच्चों में मानसिक एवं शारीरिक विकास का निर्माण करने में काफी सहयोग करता है।बच्चा जब अपने माँ के नजदीक रहता है तो वह खुद तनावमुक्त महसूस करता है।जिससे बच्चे का स्वस्थ शरीर निर्माण होता है।यह बिना खर्च सबसे अच्छा उपाय है।

क्या कंगारू मदर केयर,इसका उपयोग किस तरह होता है:

कंगारू मदर केयर एक ऐसा उपाय है,जो कम वजन के साथ जन्म लेने वाले शिशु के स्वास्थ में सुधार लाने के लिए अपनाया जाता है।इससे शिशु का वजन बढ़ता है।स्तपान बेहतर होता है।बच्चे का तापमान सही रहता है और वह इन्फेक्शन से दूर रहता है।बच्चे और माँ के बीच रिश्ता मजबूत होता है।इसमें शिशु को माँ के सीने पर सीधी पाॅजिशन में चिपकाकर रखा जाता है।इस स्थिति में माँ का छाती पूरी तरह खुली होनी चाहिए ताकि माँ की शरीर का गर्माहट आसानी से और जल्दी शिशु में स्थानांतरित हो सके।इससे शिशु का तापमान सही रहता है। इसे माँ के अलावा शिशु के परिवार के अन्य महिला व पुरुष भी उपयोग कर सकते है।सिर्फ इस दौरान इस बात का ख्याल रखना है कि शिशु को कंगारू मदर केयर का सुविधा देने वाले स्वस्थ हों।

इन बातों का रखें ख़्याल:

– बच्चे को साफ़ हाथों से ही छुएं
– यदि माँ बुखार, सर्दी या खाँसी से पीड़ित हो तो शिशु को कंगारू मदर केयर नहीं दें
– घर का कोई भी स्वस्थ व्यक्ति नवजात को कंगारू मदर केयर प्रदान कर सकते हैं।