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झारखंंड के लिए राहतभरी खबर, एक फीसदी से भी कम कोरोना मरीज गंभीर स्थिति में हैं

कुणाल सारंगी

रांची। झारखंड के लिए राहतभरी खबर है। यहां एक फीसदी से भी कम कोरोना मरीज गंभीर स्थिति में हैं। खुद स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने सोमवार को इसका दावा किया। उन्होंने कहा कि राज्य में एक्टिव मरीजों की संख्या 4689 है, जिनमें मात्र 45 की ही स्थिति गंभीर है। इनमें से 23 को ऑक्सीजन और 22 को वेंटिलेटर पर रखा गया है। वहीं 4050 मरीजों में बीमारी के कोई लक्षण नहीं हैं।

प्रोजेक्ट भवन में सोमवार को  एक संवाददाता सम्मेलन में डॉ. कुलकर्णी ने कहा किसंक्रमण के मामले में हजारीबाग 5.66 प्रतिशत पॉजिटिविटी के साथ नंबर वन पर है, जबकि रांची 4.7 के साथ दूसरे स्थान पर है।

उन्होंने कहा कि राज्य में मरीजों के लिए पर्याप्त बेड है। बेड बढ़ाए भी जा रहे हैं। खेलगांव में  मुख्यमंत्री 500 बेड की सुविधा का शुभारंभ करेंगे। विस्थापित कॉलोनी में 2100 बेड बनाए गए हैं। होटलों में 93 कमरे रखे गए हैं। हजारीबाग में 980, धनबाद में 260, जमशेदपुर में 750 अतिरिक्त बेड बनाए जा रहे हैं।

65 फीसदी मरीजों का बिहार-बंगाल कनेक्शन : स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि राज्य में मिले मरीजों में से 65 प्रतिशत का बिहार या बंगाल से ट्रैवल कनेक्शन है। ऐसे मरीज या उनके घर का कोई सदस्य बिहार या बंगाल से लौटा है। कई मामलों में तो लोग मरीज को भी बिहार से झारखंड ले आए हैं। विभाग इसकी जांच कर रहा है।

रिम्स में शुरू होगा प्लाज्मा थेरेपी सेंटर : रिम्स में मंगलवार से प्लाज्मा थेरेपी से कोरोना का इलाज शुरू हो जाएगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इसका शुभारंभ करेंगे। इससे पहले रविवार कोएक डोनर की  प्लाज्मा फेरेसिस की जा चुकी है। स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि रिम्स के बाद टीएमएच जमशेदपुर में भी इसकी शुरुआत जल्द ही की जाएगी।