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झारखंड में क्वारंटाइन को लेकर दोहरा मापदंड मरांडी को होम और साधारण को पेड क्वारंटाइन

कुणाल सारंगी

जमशेदपुर:झारखण्ड वाणी संवाददाता:जिला बार एसोसिएशन के वरीय अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने झारखंड में कुछ प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। सुधीर कुमार पप्पू ने बताया कि झारखंड में हेमंत सरकार को बदनाम करने की साजिश चल रही है और इसी कोशिश के तहत कुछ पदाधिकारी क्वारंटाइन मामले में दोहरा मापदंड अपना रहे हैं।
सुधीर कुमार पप्पू ने कहा कि कानून की नजर में सभी बराबर होते हैं परंतु पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी दिल्ली से झारखंड आते हैं तो उन्हें होम क्वारंटाइन रखा जाता है। परंतु कोई साधारण व्यक्ति अन्य प्रदेशों से झारखंड में आता है तो उसे पेड़ क्वारंटाइन में रहने को मजबूर किया जाता है।
जबकि गृह मंत्रालय एवं उड्डयन मंत्रालय का स्पष्ट निर्देश है कि हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को होम क्वारंटाइन ही किया जाएगा। परंतु इसकी धज्जियां झारखंड में उड़ाई जा रही हैं। इस मामले में उन्होंने जिला बार एसोसिएशन जमशेदपुर की वरीय अधिवक्ता एवं पूर्व सहायक लोक अभियोजक तथा मेडिएटर बी कामेश्वरी उमा के भतीजी बी अनुषा का मामला उठाया।
सुधीर कुमार पप्पू के अनुसार गत 16 जुलाई को भी कामेश्वरी की भतीजी बी अनुषा हैदराबाद से रांची होते हुए जमशेदपुर पहुंची।उसे होम क्वॉरेंटाइन का स्टांप लगाया गया परंतु जमशेदपुर की सीमा पर उसे रोक लिया गया तथा पेड क्वारंटाइन में जाने को मजबूर किया गया।
बी कामेश्वरी उमा ने इस घटना की जानकारी एस एस पी डी सी ए डी सी के संज्ञान में दी परंतु कोई कार्यवाही नहीं हुई।
बी अनुषा को साकची के के एक गेस्ट हाउस में रखा गया और शनिवार 18 जुलाई को उसका सैंपल लिया गया।कहा गया कि 20 जुलाई की शाम तक सैंपल के नतीजे मिल जाएंगे। नेगेटिव परिणाम आने के बाद उसे घर जाने दिया जाएगा। लेकिन बी कामेश्वरी उमा से उन्हें जानकारी मिली है कि सोमवार को 14 जुलाई को लिए गए सैंपल का ही परिणाम आया है।इधर वी कामेश्वरी उमा परेशान है उसके घर में होम क्वारंटाइन की पूरी सुविधा है। इसके बावजूद उसकी आवाज अनसुनी रह गई है। सुधीर कुमार पप्पू ने राज्य सरकार एवं संबंधित पदाधिकारियों से आग्रह किया है कि वे क्वारंटाइन के इस भेदभाव मामले की जांच करें। क्या कुछ सरकारी कर्मचारी होटल व्यवसायियों से मिले हैं और जबरदस्ती पेड़ क्वारंटाइन करवा रहे हैं ।क्या ऐसे लोगों का मकसद राज्य सरकार को बदनाम करना है और राज्य की छवि खराब करनी है। ऐसे तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई किए जाने की जरूरत है। वही सुधीर कुमार पप्पू ने दोहरा रवैया नहीं अपनाने की भी सलाह दी है अन्यथा उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना भी करना पड़ सकता है।