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झामुमो पश्चिम सिंहभूम की जिला कमेटी भंग

पश्चिम सिंहभूम जिले की झामुमो जिला कमेटी को सीएम हेमंत सोरेन तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है. जिले के चारों झामुमो विधायकों की नाराजगी के बाद यह कदम उठाया गया है.

चाईबासा: पश्चिम सिंहभूम जिले के झामुमो के महासचिव सोना देवगम के खिलाफ जिले के झामुमो चारों विधायक गोलबंद हो गए हैं. विधायकों की नाराजगी के बाद जिला कमेटी को सीएम हेमंत सोरेन ने भंग कर दिया है.
झारखंड के सत्ताधारी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा पार्टी के पश्चिम सिंहभूम जिला कमेटी के महासचिव सोना देवगम और विधायकों के बीच लंबे समय से चल रही रस्साकशी अब खुलकर सामने आ गई है.
पार्टी के विधायको ने सोना देवगम की कार्य प्रणाली से इतने त्रस्त हो गए कि जिले के चारों विधायकों ने कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन के समक्ष नाराजगी जाहिर की. जिसके बाद विधायकों की गोलबंदी को देखते हुए सीएम हेमंत सोरेन ने जिला कमेटी को तत्काल भंग करने का मौखिक आदेश दिया है.
वहीं दूसरी ओर सोना देवगम ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से आग उगलते हुए पार्टी के ही कुछ सक्रिय कार्यकर्ताओं को निष्कासित कर उनके कार्य प्रणाली पर सवाल खड़ा किया है.
इन सबके बीच विधायक नीरल पूर्ति के करीबी माने जाने वाले सुनील सिरका पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए 6 वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है. इसी मामले को लेकर जिले के पांचों विधायकों ने जिला सर्किट हाउस के बंद कमरे में घंटों विचार विमर्श किया. इस दौरान मंत्री जोबा मांझी, विधायक सुखराम उरांव, विधायक दीपक बिरूवा, विधायक निरल पूर्ती और कुछ सक्रिय सदस्य उपस्थित थे.
विधायक दीपक बिरूवा ने कहा कि पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष के आदेश पर कोई सवाल खड़ा नहीं कर सकता है. यह पार्टी का निर्णय है जिसे कोई काट नही सकता है.
झामुमो पार्टी की जिला कमेटी भंग होने के बाद भी महासचिव सोना देवगम के द्वारा सुनील सिरका को पार्टी से निष्कासित करने के सवाल पर उन्होंने बताया कि पार्टी की जिला कमेटी भंग कर दी गई है.
इसकी जानकारी शायद उनको नहीं मिली होगी, इसी कारण उन्होंने ऐसा किया होगा. पार्टी की जिला कमेटी भंग करने का यह निर्देश कल ही हम लोगों को प्राप्त हो चुका है.
सुखराम उरांव ने कहा कि जिला कमेटी से कुछ शिकायत आयी थी जिसे लेकर हम सभी ने बैठक किया और यहां की वस्तुस्थिति से पार्टी हाईकमान को फोन के माध्यम से अवगत करवाया गया है.
पूरी बात सुनने के बाद पार्टी हाईकमान ने महासचिव को कह कर जिला कमेटी को भंग करने का निर्देश दिया है. विधायक निरल पूर्ति ने कहा कि सुनील सिरका को पार्टी से निष्कासित करने का फैसला किसी गलतफहमी में लिया गया है. आगे सवाल करने पर उन्होंने नो कॉमेंट्स कह कर बात को खत्म कर दिया.