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हेमंत सरकार ने शराब विक्रेताओं को दी बड़ी राहत, जानें और क्या हुआ कैबिनेट की बैठक में

रांची। राज्य की हेमंत सरकार ने शराब के खुदरा विक्रेताओं को बड़ी राहत दी है. 23 मार्च से लॉकडाउन लगने के बाद राज्य भर की शराब दुकानें बंद थीं. ये बंदी 19 जून तक चली थी. राज्य में 20 जून को लॉकडाउन में छूट देते हुए शराब दुकानों को फिर से खोल दिया गया था. हालांकि उस वक्त शराब की कीमत बढ़ा दी गयी थी. मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस बात कि स्वीकृति मिली कि बंदी के दौरान खुदरा शराब विक्रेताओं से किसी तरह की कोई एक्साइज ड्यूटी नहीं ली जायेगी. सरकार ने इसके लिए उत्पाद विभाग के इस वित्त वर्ष के मार्च, अप्रैल, मई और जून के राजस्व वसूली को भी कम कर दिया है.

कैबिनेट के अन्य फैसले

  • पश्चिमी सिंहभूम जिला में आनेवाले सात लौह अयस्क खनन पट्टा क्षेत्रों का राज्य सरकार के उपक्रमों हेतु आरक्षण की स्वीकृति दी गयी. अब सरकार राज्यहित के लिए इन लौह अयस्कों का इस्तेमाल करेगी. इनमें मेसर्स रामेश्वर जूट मिल्स (बराईबुरू, 258.99 हेक्टेयर), मेसर्स निर्मल कुमार प्रदीप कुमार (घाटकुड़ी, 149.74 हेक्टेयर), पदम कुमार जैन (ठकुरानी, 84.68 हेक्टेयर), मिश्री लाल जैन एंड सन्स (करमपदा, 202.35 हेक्टेयर), रुंगटा मान्इंस (घाटकुड़ी, 138.85 हेक्टेयर), आर मेडिकल एंड कंपनी (करमपदा, 110.08 हेक्टेयर) और मेसर्स शाह ब्रदर्स (करमपदा, 233.89 हेक्टेयर)
  • पिछड़े वर्गों के लिए राज्य आयोग के वित्त वर्ष 2018-19 (अवधि 1 अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2019) की सालाना रिपोर्ट विधानसभा के पटल पर रखी जायेगा.
  • मेडिकल कॉलेज कोडरमा के निर्माण के लिए जमीन देनेवाले और कॉलेज में कार्यरत गौतम प्रताप के स्वास्थ्य विभाग में ट्रांस्फर की स्वीकृति दी गयी.
  • मुख्यमंत्री के आदेशपालों के वर्दी के लिए अब सालाना 2500 के बदले 7000 रुपए दिये जायेंगे.
  • झारखंड कैडर के आइएएस डॉ बशारत कयूम की पत्नी मसरत जबीन जो जम्मू-कश्मीर में शिक्षिका हैं, उनकी अंतराज्यीय प्रतिनियुक्ति पांच सालों के लिए झारखंड की गयी. डॉ. बशारत कयूम फिलहाल सरायकेला में एसडीएम के पद पर हैं. पांच सालों के बाद शिक्षा विभाग मसरत जबीन की प्रतिनियुक्ति बढ़ा सकता है.
  • रिटायर्ड रमोद नारायण झा तत्कालीन प्रबंध निदेशक वेजफ्रेड और धनबाद सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक के संपूर्ण पेंशन की राशि जब्त करने की स्वीकृति मिली. अपने कार्यकाल में इन पर दो करोड़ रुपये का घोटाला करने का आरोप है. साथ ही जो भी पेंशन या वेतन श्री झा ने लिया है उसकी वसूली भी सरकार की तरफ से की जायेगी.