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हेमंत सरकार को पारा शिक्षकों का अल्टीमेटम

कुणाल सारंगी

झारखंड में पारा शिक्षक अपनी मांगों को लेकर एक बार फिर से आंदोलन के मूड में है. पारा शिक्षकों का कहना है कि स्थायीकरण वेतनमान की नियमावली 4 सितंबर तक कैबिनेट से पारित नहीं हुई तो 5 सितंबर से राज्य भर के पारा शिक्षक आंदोलन करने को विवश होंगे.

रांची: झारखंड के 65,000 पारा शिक्षकों ने स्थायीकरण और वेतनमान की मांग को लेकर एक बार फिर आंदोलन करने की चेतावनी दी है. पारा शिक्षकों का कहना है कि हेमंत सरकार के शिक्षा विभाग ने स्थायीकरण के मामले को लेकर उच्च स्तरीय वार्ता पारा शिक्षकों के प्रतिनिधियों के साथ किया था. इसके बावजूद अब तक मामले को लेकर राज्य सरकार की ओर से गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है.
पारा शिक्षकों का कहना है कि स्थायीकरण वेतनमान की नियमावली 4 सितंबर तक कैबिनेट से पारित नहीं हुई तो 5 सितंबर से राज्य भर के पारा शिक्षक आंदोलन करने को विवश होंगे. पारा शिक्षकों ने इसकी घोषणा भी कर दी है. एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा की ओर से बयान जारी कर यह कहा गया है कि अब हेमंत सरकार के खिलाफ भी पारा शिक्षक गोलबंद होकर आंदोलन करेंगे. हालांकि मोर्चा की ओर से सीएम और शिक्षा मंत्री से अपील भी की है कि वह जल्द से जल्द इस मामले को लेकर गंभीरता दिखाए और उनके स्थायीकरण वेतनमान को लेकर कोई ठोस पहल करें
पारा शिक्षकों का हेमंत सरकार पर यह भी आरोप है कि हेमंत सोरेन ने चुनाव के दौरान हर सभा में कहा है कि सरकार बनने के तीन महीने बाद ही पारा शिक्षकों को स्थाई कर दिया जाएगा, लेकिन अब तक सिर्फ और सिर्फ इस सरकार ने भी आश्वासन ही दिया है, पारा शिक्षकों की परेशानियों को इस सरकार ने भी अब तक नहीं समझा है, ऐसी ही स्थिति रही तो आने वाला समय इस सरकार के खिलाफ भी जोरदार आंदोलन होगा. एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने कहा कि सरकार से बैठक के बाद कहा गया था कि जल्द से जल्द कैबिनेट की बैठक में उनकी मांगों को रखा जाएगा और इससे संबंधित प्रस्तावित नियमावली को पारित कर दिया जाएगा, लेकिन उनके हित में बनाए गए नियमावली को पारित कर दिया जाएगा, लेकिन उनके हित में बनाए गए नियमावली अब तक शिक्षा विभाग से लेकर अन्य विभागों का चक्कर काट रहा है
मोर्चा के सदस्य ऋषिकेश पाठक की मानें तो 4 सितंबर तक नियमावली कैबिनेट से पारित नहीं हुई तो बाध्य होकर 5 सितंबर से चरणबद्ध आंदोलन की एक बार फिर से शुरुआत की जाएगी. 15 अगस्त से आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी और राज्य के तमाम जिलों के पारा शिक्षकों से बातचीत की जाएगी.