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हड़ताल पर गए पारा चिकित्साकर्मियों से आज मिल सकते हैं स्वास्थ्य सचिव, सरकार ने अपनाया है कड़ा रुख

कुणाल सारंगी

कोरोना काल में हड़ताल पर गए पारा चिकित्सककर्मियों को लेकर स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति लगातार खराब होते जा रही है. हड़ताल जारी रहने के कारण पूरा काम बाधित हो गया है. इसे लेकर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है.

रांची: राज्यभर में हड़ताल पर गए पारा चिकित्साकर्मियों की वजह से स्वास्थ्य व्यवस्था बिगड़ती जा रही है. पारा चिकित्साकर्मियों ने अपने स्थायीकरण और समान काम समान वेतन को लेकर पिछले तीन दिनों से हड़ताल जारी रखा है. जिस वजह से पूरे राज्य में कोरोना जांच के काम भी बाधित हो रहे हैं. पारा चिकित्साकर्मियों के विरोध को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी कड़ी आपत्ति दर्ज की है.
स्वास्थ्य विभाग ने अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए झारखंड अनुबंधित पारा चिकित्साकर्मी संघ को हड़ताल समाप्त करने का निर्देश दिया है. विभाग ने कहा है कि हड़ताल खत्म किया जाए नहीं तो सभी हड़तालियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. हालांकि हड़ताल पर गए पारा चिकित्साकर्मियों ने अपनी मांग को लेकर हड़ताल जारी रखने की बात कही है.
हड़ताल पर बैठे स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि राज्य सरकार सच में अगर राज्य की जनता को लेकर चिंतित है तो वह निश्चित रूप से अनुबंध पारा चिकित्साकर्मियों से वार्ता कर सकते हैं, लेकिन राज्य सरकार जिस प्रकार से पारा चिकित्साकर्मियों की मांगों को लेकर बेफिक्र दिख रही है. ऐसे में लोगों को अपने हड़ताल को जारी रखना पड़ रहा है.
जानकारी के अनुसार पारा चिकित्सक कर्मचारी संघ का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को स्वास्थ्य सचिव से मुलाकात करेगा. जिसके बाद यह स्पष्ट हो पाएगा कि अनुबंध पर बहाल चिकित्साकर्मी अपने हड़ताल को लेकर क्या निर्णय लेते हैं. बता दें कि हड़ताल पर बैठे पारा चिकित्साकर्मियों का कहना है कि कोरोना के संकट में फ्रंट वारियर के रूप में सभी पारा चिकित्साकर्मी जान पर खेलकर काम कर रहे हैं लेकिन राज्य सरकार की ओर से उन्हें न्यूनतम वेतन दिया जा रहा है.
हड़ताल पर बैठे अनुबंधित पारा चिकित्साकर्मियों ने कहा कि अगर सरकार हमारी कुछ एक मांगों को भी मान लेती है तो हम लोग अपने हड़ताल को वापस ले लेंगे. इसके साथ ही अनुबंधकर्मियों ने कहा कि कोरोना के इस संकट में सरकार को निश्चित ही हमारी मांग माननी चाहिए. अगर सरकार हमारी मांगों पर विचार नहीं करती है तो यह सरकार के जिद्दी रवैया को दिखलाता है.