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गुमला सात दिनों के लिए बंद, पहला दिन रहा सफल

कुणाल सारंगी

गुमला चेम्बर ऑफ कॉमर्स 25 जुलाई से लेकर आगामी 31 जुलाई तक सात दिनों के लिए व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बंद करने का निर्णय लिया है. इस बंद को गुमला के अधिकांश दुकानदार समर्थन करते हुए अपने-अपने व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बंद रखा. वहीं, कुछ दुकाने खुली
देखी गई.
गुमला: शहर में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए व्यापारिक संगठन गुमला चेम्बर ऑफ कॉमर्स 25 जुलाई से लेकर आगामी 31 जुलाई तक सात दिनों के लिए व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बंद करने का निर्णय लिया है. हालांकि, इस बंद से चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने दवाखाना, डेयरी, सब्जी मंडी, पेट्रोल पंप और एलपीजी गैस एजेंसी को मुक्त रखा है. चेम्बर ऑफ कॉमर्स के इस आह्वान को कई सामाजिक संगठनों के साथ ही स्थानीय विधायक ने भी समर्थन दिया है.
चेम्बर ऑफ कॉमर्स के आह्वान पर शनिवार से बंद का पहला दिन शुरू हो गया है. इस बंद को गुमला के अधिकांश दुकानदार समर्थन करते हुए अपने-अपने व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बंद रखा है. लेकिन शहर के कुछ बड़े प्रतिष्ठानों को बंद का समर्थन करते हुए नहीं पाया गया. कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकानों के आधे शटर को खोलकर रखा था तो कुछ ने पूरे शटर खोल रखे थे. ऐसे में चेम्बर के सात दिनों तक बंद के इस आह्वान का पहले दिन में ही कुछ व्यापारियों ने अपना समर्थन नहीं देकर अपनी मंशा जाहिर कर दी है.
चेम्बर ऑफ कॉमर्स के बंद के आह्वान को लेकर गुमला के पूर्व चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष रमेश कुमार चीनी का कहना है कि बंदी के पहले दिन ही कुछ बड़े दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठानों को खोल रखा था. वहीं, छोटे दुकानदारों ने बंद का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि गुमला चेम्बर ऑफ कॉमर्स का निर्णय के विरुद्ध जाने वाले व्यापारियों को समझा कर उन्हें प्रतिष्ठानों को बंद करने के लिए कहा जाएगा
वहीं, गुमला चेम्बर ऑफ कॉमर्स के वर्तमान अध्यक्ष हिमांशु केसरी ने कहा कि शहर में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के कारण लोगों के हित को ध्यान में रखकर व्यापारिक संगठनों को एक सप्ताह के लिए बंद करने का निर्णय लिया गया है. बंद के पहले दिन में व्यापारियों ने अपार समर्थन दिया है.