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ग्रामीण विकास मंत्री के क्षेत्र में सड़क बनी तालाब

कुणाल सारंगी

चुनाव के समय हर पार्टी का नारा राज्य का विकास करना होता है. इस दौरान सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित कई मुद्दों को पूरा करने का वादा किया जाता है, लेकिन जितने के बाद प्रत्याशी नजर नहीं आते हैं. ऐसा ही एक नजारा देखा जा रहा है पाकुड़ के ग्रमीण क्षेत्र में, जहां के विधायक राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री है, लेकिन यहां की सड़क की हालत ऐसी बन गई है कि बारिश के समय में तालाब बन गई है, जिससे लोगों को आने-जाने में काफी कठीनाई हो रही है.

पाकुड़: राज्य में बदलाव का सपना दिखाकर झामुमो-कांग्रेस गठबंधन की सरकार सत्ता पर काबिज हो गई है. इस सरकार के कार्यकाल में खासकर ग्रामीण इलाके के लोग अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि राज्य में बदलाव के लिए उन्होंने अपनी भुमिका तो निभा दी, लेकिन सरकार उनकी बदहाली कब बदलेगी.
पाकुड़ के ग्रामीण इलाके के लोगों का कहना है कि उनके गांवों का पत्थर देश के अलग राज्यों में जा रहा है, लेकिन उनके गांव के सड़कों की ऐसी दुर्दशा हो गयी है. सड़क की हालत ऐसी है कि लोग पैदल भी नहीं चल सकते हैं. रोज के परेशानी से तंग आकर कुछ ग्रामीणों ने तो जिला मुख्यालय में ही भारे के मकान में रहना शुरू कर दिया. आखिर वे करे तो क्या करे. न तो पूर्व की सरकार और न ही वर्तमान सरकार, किसी ने ग्रामीण सड़कों को दुरूस्त करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया. लिहाजा आज भी पाकुड़ से गोपालपुर आने जाने में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
पाकुड़ से गोपालपुर करीब 10किलोमीटर लंबी इस सड़क पर सिर्फ गड्ढे हैं और बारिश से गड्ढो में हुए जलजमाव के कारण अक्सर साइकिल और बाइक से आने-जाने वाले लोग दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं. यह वही सड़क है, जिससे दुर्गापुर, विशनपुर, रामनाथपुर पाइकपाड़ा, भुसका, श्रीरामपुर और छोटामोहनपुर के सैकड़ों ग्रामीण जिला मुख्यालय पहुंचते हैं. सड़क की हालत को देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि राज्य में बदलाव का सपना दिखाकर सत्ता पर काबिज होने वाले लोगों ने गांव के लोगों को उनकी दुर्दशा पर छोड़ दिया है.
दुर्गापुर से विशनपुर होते हुए गोपालपुर जाने वाली यह सड़क पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आता है. यहां से चुनाव जीते विधायक आलमगीर आलम राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री हैं, जिनके जिम्मे गांव के विकास की जिम्मेवारी मुख्यमंत्री ने दी है. ग्रामीणो ने बताया कि इस सड़क की स्थिति को ठीक करने के लिए कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकृष्ट कराया गया. उनकी ओर से आश्वासन भी मिला, लेकिन सड़क बनने के बजाय और खराब हो गयी. इस मामले में डीसी कुलदीप चौधरी ने बताया कि सड़क की खराब स्थिति को लेकर आरईओ के कार्यपालक अभियंता को जांच का आदेश दिया गया है, ताकि सड़क को दुरुस्त कराया जा सके.