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फेरी सेवा बंद होने से ठप हुआ पत्थर व्यवसाय, मजदूर के सामने रोजगार का संकट

Ambuj Kumar Kunal Sarangi width Anshar Khan ADJ Kamlesh Jitendra Rais Rozvi Rishi Mishra Rina Gupta

साहिबगंज में गंगा नदी इन दिनों खतरे की निशान को पार कर ऊपर से बह रही है, जिसकी वजह से गंगा के रास्ते की जा रही व्यापारिक गतिविधियों पर भी रोक लगा दी गई है. फेरी सेवा बंद होने से सारे मजदूर बेरोजगार हो गए हैं.

साहिबगंजः गंगा नदी इन दिनों खतरे के निशान के ऊपर से बह रही है. ऐसे में तेज धार की डर से फेरी सेवा बंद कर दी गई है, जिसके कारण पत्थर व्यवसाय ठप्प हो गया है. दो राज्यों के बीच गंगा के रास्ते व्यापारिक गतिविधि थम सी गई है. प्रतिदिन मालवाहक जहाज से, सैकड़ों हाईवा ट्रक से पत्थर, चिप्स लेकर बिहार राज्य जाया करते थे.
प्रतिदिन इस रोजगार से हजारों मजदूर इन गंगा घाटों पर और क्रशर से माइंस तक जुड़कर अपनी रोजी रोटी चलाते रहते थे, लेकिन गंगा के तेज बहाव के डर से फेरी सेवा बंद हो चुकी है. सारे मजदूर बेरोजगार हो चुके हैं. शुरुआती दौर में लॉकडाउन से काम काज ठप्प पड़ा था. थोड़ी बहुत अनुमति मिलने के बाद गंगा के भीषण प्रलय से काम- काज ठप्प हो गया है.
गंगा घाट पर रह रहे स्थानीय और सुरक्षा कर्मी का कहना है कि फेरी सेवा बंद हो जाने से पूंजीपति व्यापारी को कोई असर पड़ने वाला नहीं है, लेकिन रोजाना काम करने वाले मजदूरों के सामने भुखमरी की समस्या जरूर उत्पन्न हो चुकी है. यहीं स्थिति रही तो बहुत बुरी स्थिति से गुजरना पड़ेगा. सुरक्षा में तैनात मुफ्फसिल थाना के एएसआई ने कहा कि गंगा की धार में कोई पत्थर, चिप्स नाव से लेकर न जाए. साथ ही कोई अवैध व्यापार न करें, जिससे गंगा में कोई अप्रिय घटना न घट सके. इसके लिए सुरक्षा में लगे हुए है.
फेरी सेवा बंद होने से रोजाना करोड़ों का नुकसान हो रहा है. राज्य सरकार को भी राजस्व का घाटा हो रहा है. ट्रक, हाईवा मालिक को लोन चुकाने में परेशानी हो रही है. किश्त बैंक में नहीं जमा करने से इनकी गाड़ी भी सीज हो सकती है. फेरी सेवा बंद होने से बाजारों में भी सन्नाटा पसरा हुआ है. वहीं, इसका सबसे ज्यादा असर रोज काम करने वाले मजदूरों को हुआ है, यह लोग रोजाना काम कर अपने परिवार की जीविका चलाते हैं.

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