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एएसआई हत्याकांड का खुलासा

कुणाल सारंगी

रांची में 31 जुलाई को एएसआई कामेश्वर रविदास की हत्या कर दी गई थी. हत्या के बाद शव को 100 फीट गहरे पत्थर के खदान में फेंक दिया गया. पुलिस ने इस मामले में 5 न आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों की गिरफ्तारी पर उसके परिजनों ने भी पुलिस पर सवाल खड़े किए हैं.

रांची: पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव की सुरक्षा में रिम्स में तैनात तुपुदाना थाने के एएसआई कामेश्वर रविदास हत्याकांड की गुत्थी को सुलझा लिया गया है. पुलिस सूत्रों के अनुसार शराब पीने के दौरान आपसी झगड़े में हत्या कर दी गई थी.
रविदास हत्या मामले में पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जिसमें अजीत तिर्की, सावन उरांव, स्टीफन, जगतपाल और भोला शामिल है. छानबीन के दौरान एक महिला समेत एक दर्जन लोगों से पूछताछ की गई थी. अन्य को पीआर बांड पर छोड़ दिया गया है. सभी आरोपियों को धुर्वा के सीठियो टीओपी में रखा गया है. रांची पुलिस आज इसका खुलासा कर सकती है. वहीं, गिरफ्त में लिए गए आरोपियों के परिजनों ने पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि पुलिस ने तीन दिनों से पूछताछ के नाम पर थाने में रखा, अब कहा जा रहा है कि हत्या में शामिल था, अगर आरोपी है तो अदालत के सामने पेश करें.
मालूम हो कि 31 जुलाई की रात थाने से महज पांच सौ मीटर की दूरी पर कामेश्वर रविदास की पत्थर से कूचकर हत्या कर दी गई थी. हत्या के बाद शव को 100 फीट गहरे पत्थर के खदान में फेंक दिया गया. एक अगस्त की सुबह तुपुदाना इलाके के बेरमाद महुआटोली स्थित पत्थर के गहरे खदान से एएसआई का लाश बरामद की गई थी. पुलिस ने घटनास्थल पर खंगालना शुरू किया तब पता चला खदान के ऊपर पास में ही स्थित उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय के बरामदे पर एएसआइ की पत्थर से कूचकर हत्या की गई. उसके बाद स्कूल के बरामदे में पड़ी खून को धोकर साफ कर दिया गया.
हत्या वाले दिन रविदास सुबह से ही वह घूम-घूम कर शराब पी रहा था. शाम के समय मुर्गा खरीदकर बेरमाद में ही एक घर में बनवाया था. शाम को मुर्गा और शराब लेकर अपने कुछ साथियों के साथ महुआ टोली स्कूल के बरामदे में बैठकर शराब पी रहा था. सूत्रों के अनुसार आपस में तू-तू, मैं-मैं के बाद उसकी पत्थर से कूचकर हत्या कर दी गई, जिसके बाद बगल के ही खदान में लाश को ठिकाने लगा दिया.