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धनबाद आईएमए ने प्रशासन से की मांग, कोविड अस्पताल के निजी डॉक्टर्स को मिले सुविधा

कुणाल सारंगी

धनबाद आईएमए ने कोविड-19 अस्पताल में कोरोना मरीजों की इलाज के लिए सूचीबद्ध निजी डॉक्टरों को सरकारी डॉक्टरों की तरह सुविधा देने की मांग जिला प्रशासन से की है. आईएमए ने तर्क दिया है कि कोरोना वायरस संक्रमण का खतरा जितना सरकारी डॉक्टरों को है, उतना ही खतरा निजी डॉक्टरों को भी है. इसलिए निजी डॉक्टरों को भी सुविधाएं बढ़ाई जाएं.

धनबाद: कोविड-19 अस्पताल में कोरोना मरीजों की इलाज के लिए सूचीबद्ध निजी डॉक्टरों को सरकारी डॉक्टरों की तरह सुविधाएं देने की मांग आईएमए ने जिला प्रशासन से की है. आईएमए ने तर्क दिया है कि कोरोना वायरस संक्रमण का खतरा जितना सरकारी डॉक्टरों को है, उतना ही खतरा निजी डॉक्टरों को भी है
धनबाद आईएमए की ओर से प्रदेश अध्यक्ष डॉ एके सिंह ने डीसी उमा शंकर सिंह से इस संबंधित बात की है. जबकि आईएमए के सचिव सुशील सिंह ने सिविल सर्जन डॉ गोपाल दास से इसकी मांग रखी है. इसके साथ ही कोविड सेंटर में कार्य पर लगाये जाने वाले डॉक्टरों के नाम सार्वजनिक करने पर भी आईएमए ने एतराज जताया है. आईएमए का कहना है कि नाम का खुलासा होने के कारण सामान्य मरीज नर्सिंग होम में आने से कतरा रहें हैं, इसका असर नर्सिंग होम के स्टॉफ पर भी पड़ रहा है.
दरअसल, सरकार की ओर से सरकारी डॉक्टर और सरकारी कर्मचारियों को 50 लाख रुपए के बीमा की घोषणा की गई है. जबकि अनुबंध कर्मचारी और आउटसोर्सिंग कर्मचारी के लिए अभी तक कोई घोषणा नहीं है. आईएमए के डॉक्टर भी 50 लाख बीमा की मांग कर रहे हैं. जिला प्रशासन की ओर से कोविड के संबंध में सूचीबद्ध किए गए निजी डॉक्टरों को प्रशिक्षण देने की तैयारी चल रही है. प्रशिक्षण के बाद डॉक्टरों को विभिन्न कोविड सेंटर में कार्य पर लगाया जाएगा.