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चांडिल डैम से मुख्य कैनाल में नहीं पहुंच रहा पानी, खेतों की सिंचाई बाधित

कुणाल सारंगी

सरायकेला: जिले में चांडिल डैम से 13 किलोमीटर बाद मुख्य कैनाल में पानी नहीं पहुंच रहा है. इसके चलते हजारों हेक्टेयर के खेतों की सिंचाई नहीं हो पा रही है. हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहला है कि जल्द ही डैम के पानी को मुख्य कैनाल के की तरफ से खेतों तक पहुंचाया जाएगा.
सरायकेला: स्वर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना के तहत निर्मित चांडिल डैम से किसानों को अधिक लाभ नहीं मिल रहा है . अभी तक डैम से कैनाल में पानी नहीं आया है, जिससे हजारों हेक्टेयर खेतों की सिंचाई प्रभावित है. इससे पहले परियोजना के प्रशासक की तरफ से दावा किया गया था कि डैम में पर्याप्त मात्रा में जल का भंडारण है और इसके जरिये बृहद पैमाने पर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा.
चांडिल डैम से 13 किलोमीटर दूर चाकुलिया चिलगुडीह के पास कैनाल का फाटक बंद है. इसके कारण डैम का पानी कैनाल में आगे की ओर नहीं आ पा रहा है. इससे चाकुलिया, शहर बेड़ा, एदल बेड़ा, कंदरबेरा, रामगढ़, आसनबनी समेत कई गांव के लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है. इससे पहले कैनाल के पास फाटक को तकरीबन एक किलोमीटर तक खोल कर रखा गया है, जिससे फाटक से होकर चांडिल डैम का पानी चिलगुडीह शहर बेड़ा होकर सीधा स्वर्णरेखा नदीं में गिर कर बर्बाद हो रहा है.
इस मामले पर विभागीय अधिकारियों से संपर्क किए जाने पर उन्होंने बताया है कि डैम से कैनाल में पानी नहीं पहुंचने के मामले को गंभीरता से देखा जा रहा है. इस पर कार्य शुरू कर दिया गया है. जल्द ही डैम के पानी को मुख्य कैनाल के द्वारा खेतों तक पहुंचाया जाएगा.
स्वर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना के तहत बीते वर्ष 82 हजार हेक्टेयर में सिंचाई के लिए पानी पहुंचाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, इसके एवज में विभाग ने 55 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई की थी. इधर इस वर्ष भी विभाग ने 55 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि सिंचाई किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया है