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बिहार-झारखंड सहित 9 राज्यों को केंद्र सरकार ने दी सलाह, बढ़ाएं कोरोना जांच की संख्यां

कुणाल सारंगी

कोरोना वायरस के खतरे को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक है कि राज्य सरकारें जांच का दायरा तो बढ़ाए ही साथ ही कंटेनमेंट जोन में और सख्त नियम लागू करें. इसके साथ ही मैपिंग और डोर टू डोर स्क्रीनिंग के निर्देश भी राज्यों को दिए गए हैं.
पटना: केंद्र सरकार ने बिहार सहित 9 राज्यों को सलाह दी है कि राज्य कोरोना जांच का दायरा बढ़ाएं. जिन राज्यों को केंद्र ने पत्र जारी किए हैं. उनमें बिहार के अलावा पड़ोसी राज्य झारखंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और असम है. केंद्र सरकार की ओर से इन 9 राज्यों से कहा गया है कि उनके यहां सर्वाधिक एक्टिव केस हैं. जिसकी वजह से देश के आंकड़ों में एक्टिव केस की संख्या निरंतर बढ़ रही है. इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक है कि राज्य सरकारें जांच का दायरा तो बढ़ाए ही साथ ही कंटेनमेंट जोन में और सख्त नियम लागू करें. निरर्थक लोगों के आवागमन को पूरी तरह से प्रतिबंधित किया जाए. इसके साथ ही मैपिंग और डोर टू डोर स्क्रीनिंग के निर्देश भी राज्यों को दिए गए हैं.
राज्यों से कहा गया है कि वे स्वास्थ्य सुविधाओं पर फोकस करें और आधारभूत सुविधाएं बढ़ाएं. मरीजों को गुणवत्तापूर्ण देखभाल की व्यवस्था करें. एंबुलेंस का बेहतर प्रबंधन रहे, ताकि किसी मरीज को ना कहने की नौबत ना आए. साथ की क्लीनिकल प्रबंधन के सुझाव भी केंद्र सरकार ने बिहार समेत सभी नौ राज्यों को दिए हैं. बता दें कि हाल ही में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का एक दल मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल के नेतृत्व में बिहार आया था.
दो दिन के बिहार दौरे पर आए केंद्रीय दल ने बिहार में पहले राज्य के मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव समेत दूसरे अधिकारियों के साथ कोरोना की अद्यतन स्थिति प्राप्त करने के लिए बैठक की. इसके बाद पटना-गया में इस दल ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल के साथ ही कुछ कंटेनमेंट जोन का निरीक्षण भी किया. वहीं बिहार यात्रा के दौरान ही राज्य के अधिकारियों को जांच का दायरा बढ़ाने का सुझाव दिया गया था. इसी कड़ी में बिहार के मुख्य सचिव से केंद्रीय कैबिनेट सचिव ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिए बात भी की और उन्हें जांच बढ़ाने की सलाह दी थी.