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बिहार बाढ़ में बहकर आये आधा दर्जन घड़ियाल ग्रामीणो‍ं को बना रहे हैं निशाना, दहशत में लोग

कुणाल सारंगी

पटना। बिहार के सिसवा और मंगलपुर गांव में गंडक नदी की बाढ़ में बह कर आये आधा दर्जन घड़ियालों ने आतंक मचा रखा है. 15 दिन पहले भी इन घड़ियालों ने नदी किनारे झोपड़ी से आधा दर्जन बकरियों को शिकार बनाया था. उसके बाद से घड़ियालों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है. नदी किनारे के घरों वाले इन घड़ियालों की आतंक से सहमें हुए हैं.

 

ग्रामीण पप्पू पांडेय, रघुवर बीन, सरपंच जयराम मुखिया, कल्याण कुमार, संतोष साह, साहेब आलम, बीगा महतो आदि ग्रामीणों ने बताया कि घड़ियालों की संख्या आधा दर्जन से अधिक है. इनमें से दो सिसवा और मंगलपुर के समीप नदी किनारे विचरण कर रहे हैं. बताते हैं कि जैसे कोई इधर से गुजरता है तो ये लोगों पर भी झपट‍्टा मारने के लिए नदी के बाहर निकल आते हैं.

जब ग्रामीणों हो हल्ला के साथ भाला बरछी से वार करते हैं तो ये घड़ियाल गहरे पानी में चले जाते हैं. इससे सिसवा और मंगलपुर गांव में आने जाने से लोग परहेज कर रहे हैं. इतना ही नहीं सड़क को छोड़ पगडंडी रास्तों के सहारे ग्रामीण आ-जा रहे हैं. स्थानीय मुखिया आशा देवी ने बताया कि बाढ़ की कहर झेल रहे पीड़ित परिवारों पर घड़ियाल के हमले का डर सता रहा है. उन्होंने बताया कि इसकी सूचना वन विभाग और स्थानीय पदाधिकारियों को फोन पर दी गयी है. लेकिन अभी तक घड़ियालों को इस ग्रामीण क्षेत्र से भगाया नहीं जा सका है.

राज्य में 11 जिलों के 87 प्रखंडों की 680 पंचायतें बाढ़ की जद में हैं. बाढ़ से 16 लाख की आबादी प्रभावित हुई है. एक लाख 42 हजार लोगों को सुरक्षित स्स्थानों पर पहुंचाया गया है. आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से राहत सामग्रियां बाटी जा रही हैं. राज्य के 30 राहत केंद्रों में 14 हजार लोग ठहराये गये हैं. सामुदायिक रसोई की संख्या बढ़ कर 544 हो गयी है, जहां दो लाख छह हजार लोगों को भोजन कराया जा रहा है. गोपालगंज, पूर्वी चंपारण और दरभंगा में वायु सेना के हेलीकाप्टर से फूड पैकेट गिराये गये. मंगलवार और बुधवार को नेपाल और बिहार के सीमावर्ती जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों को अलर्ट किया है.