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भुलकर भी भाई की कलाई पर ना बांधे ऐसी राखी

Ambuj Kumar Kunal Sarangi width Anshar Khan ADJ Kamlesh Jitendra Rais Rozvi Rishi Mishra Rina Gupta

3 अगस्त को श्रावण मास की पूर्णिमा को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाएगा। भाई की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं। हालांकि कभी-कभी अनजाने में ऐसी राखियां आ जाती हैं जो शुभ नहीं मानी जाती हैं,इसलिए राखी का चुनाव बहुत ध्यान से करना चाहिए इस समय बाजार में तरह-तरह की डिजाइन की कई राखियां मिल रही हैं। कुछ राखियां दिखने में सुंदर तो लगती हैं लेकिन ये भारतीय सभ्यता के हिसाब से नहीं बनी होती हैं। रक्षाबंधन के दिन कुछ खास तरह की राखी बांधने से बचना चाहिए।
जाने-अनजाने में बाजार से राखियां लाने में टूट जाती हैं और हम उसे वापस जोड़कर सही कर लेते हैं अगर कोई राखी खंडित हो जाए तो उसका प्रयोग भाई की कलाई पर ना करें। प्लास्टिक की राखियों का इस्तेमाल भी ना करें क्योंकि प्लास्टिक को केतु का पदार्थ माना जाता है और ये अपयश को बढ़ाता है,इसलिए रक्षाबंधन के दिन प्लास्टिक की राखियों से बचें बाजार में कई तरह की डिजाइनर राखियां आ रही हैं जो भारतीय सभ्यता के हिसाब से सही नहीं बनाई जा रही हैं।इनके प्रयोग से बचें।
राखी ऐसी नहीं होनी चाहिए जिसमें कोई धारधार या किसी तरह का कोई हथियार बना हो।
कई राखियों में भगवान के चित्र बने होते हैं इस तरह की राखियों को शुभ नहीं माना जाता है, बहनों को इस तरह की राखी खरीदने से बचना चाहिए बहनें कोशिश करें कि रेशम से बनी, कलावे की या सूती की राखी का प्रयोग करें. इस तरह की राखी बांधने से भाइयों के यश में वृद्धि होती है।

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