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भारत का सिल्‍क शहर भागलपुर!

कुणाल सारंगी

पटना: भागलपुर बिहार का दूसरा बड़ा शहर है। यह शहर अपने आप में भारत की प्राचीन इतिहास समेटे हुआ है। यहां बौद्ध शिक्षा देने वाली यूनिवर्सिटी से लेकर काफी कुछ मौजूद है।
भागलपुर में कई ऐसे स्थान है जहां पर्यटक आसानी से भ्रमण कर सकते है। यहां के कुछ मुख्य आकर्षणों में से लाजपत नगर, बुद्धनाथ पर शिव मंदिर, चम्पानगर जैन मंदिर, घंटाघर , गुरान बाबा की दरगाह, रविन्द्र नाथ भवन, तग बहादुर गुरूद्वारा, संदिश परिसर, देवी काली और मां दुर्गा का मंदिर, राजमहल जीवाश्म अभयारण्य और संजय उद्यान पार्क स्थित है।

वैसे तो भागलपुर सिल्क का शहर कहा जाता है, लेकिन भागलपुर में प्राचीन भारत से जुड़े कई ऐतिहासिक चीजें मौजूद हैं। जिसमें मंदार पर्वत, जो कि 700 फीट की ऊंचाई पर मौजूद एक छोटा सा पहाड़ है। हिंदू और जैन धर्म के अनुयायीयों के लिए इस पहाड़ पर मंदिर भी बने हुए हैं। इसके अलावा भागलपुर जिले के भरहाट ब्लॉक के मलयपुर गांव में मौजूद मां काली मंदिर आकर्षण का खास केंद्र है। हर साल यहां मां काली का मेला लगाया जाता है।


विक्रमशिला गंगा डॉल्फिन सेंचुरी गंगा की डॉल्फिनों से भरा एक आकर्षण का प्रमुख स्थल है। इस सेंचुरी में मीठे पानी वाले कछुए और 135 अन्य प्रजातियों के जीव रहते हैं। यहां का यात्रा का सही समय अक्टूबर का महीना रहता है।


यह घाट गंगा नदी का एक तट है। पौराणिक मान्यता के अनुसार संत महर्षि ने इस गुफा में कई महीने चटाई पर बिताएं थे। कुप्पाघाट में खूबसूरत बगीचे हैं। जिनका रामायण में उल्लेख किया गया है। लोगों का ऐसा भई मानना है कि भगवान बुद्ध का जन्म इसी क्षेत्र में हुआ था।

विक्रमशीला यूनिवर्सिटी की स्थापना पाल वंश ने की थी। विक्रमशीला यूनिवर्सिटी भारत की प्राचीन बौद्ध शिक्षा देने वाली दो यूनिवर्सिटीयों में से एक है। यूनिवर्सिटी की स्थापना राजा धर्मपाल ने की थी। यहां खुदाई के दौरान हिंदू और तिब्बती धर्म के मंदिरों का अवशेष मिला था।


माउंट मंदारा एक पहाड़ का नाम है जिसका उल्लेख हिंदू पुराणों में समुद्र मंथन के दौरान मिलता है। इस पहाड़ को भगवान कृष्ण का उनके विध्वंसक अवतार में निवास स्थान भी बताया गया है। इस पहाड़ी की विशेषता है यह है कि पूरी पहाड़ी अलग-अलग चट्टानों से नहीं बनी है बल्कि एक ही पत्थर से निर्मित है।