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भाजपा के विरोध के बाद जेएनएसी ने बदली होर्डिंग, नये होर्डिंग में लगी सांसद और मंत्री की तस्वीर

भारतीय जनता पार्टी के विरोध के बाद जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति कार्यालय परिसर में लगी विशाल होर्डिंग बदल दी गई है। सरकारी योजना के प्रचार वाली होर्डिंग से जमशेदपुर सांसद विद्युत वरण महतो और मंत्री की तस्वीरें गायब थीं। इस मामले में पार्टी के पूर्व जमशेदपुर महानगर जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार सहित प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने प्रेस में बयान जारी करते हुए विरोध जताया था। और झारखण्ड वाणी ने इस मामले को प्रमुखता से छापा था ।भाजपा नेताओं ने इसे जनप्रतिनिधियों और जनमत के अपमान का मामला बताते हुए झारखंड सरकार पर स्तरहीन राजनीति करने का आरोप लगाया था। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार ने ट्वीट कर के इस मामले में जिला प्रशासन से सवाल किया था कि क्या होर्डिंग से चिन्हित निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की तस्वीर गायब होना मानवीय भूल है अथवा सरकार निर्देशित कार्ययोजना के तहत इसे अंजाम दिया गया है। भाजपा के विरोध को देखते हुए साकची के जेएनएसी कार्यालय की होर्डिंग बदल दी गई है। नये होर्डिंग में प्रधानमंत्री समेत सूबे के मुख्यमंत्री, जमशेदपुर पूर्वी के विधायक के अलावे जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो और मंत्री बन्ना गुप्ता की तस्वीरें अंकित की गई है। उक्त होर्डिंग केंद्र सरकार की योजना पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि के प्रचार प्रसार के लिए लगाई गई है। यह योजना लगभग पचास लाख रेहड़ी वालों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने लागू किया है। यह योजना स्ट्रीट वेंडर्स के लिए एक माइक्रो क्रेडिट स्कीम है। भाजपा ने सवाल उठाया कि केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना से स्थानीय सांसद की तस्वीर ग़ायब रखने के पीछे क्या मंशा है ?

भाजपा के विरोध तेज़ होता देख जेएनएसी ने तो होर्डिंग बदल दिया है, लेकिन मानगो अधिसूचित क्षेत्र समिति और जुगसलाई नगर परिषद द्वारा लगाये गये पोस्टर और होर्डिंग से अब भी माननीय सांसद और स्थानीय विधायक की तस्वीरें गायब है। मानगो डिमना चौक और जुगसलाई में कुँवर सिंह चौक पर लगे सरकारी विज्ञापन वाले विशाल होर्डिंग्स देखकर ऐसा एहसास हो रहा है कि इन जिम्मेदार सरकारी विभागों को अब भी भाजपा के विरोध का इंतज़ार है। पूर्व विधायक सह प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने अस्वस्थ परंपरा की शुरुआत की है। सरकारी प्रोटोकॉल के अनुसार शासकीय योजनाओं के प्रचार में सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की तस्वीरें अनिवार्य है, चाहें वे सत्ता पक्ष से हों अथवा विपक्ष से। जनमत का अनादर करने का अधिकार नहीं तो जिला प्रशासन को है और नही राज्य सरकार को। प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि सांसद विद्युत वरण महतो भाजपा के सम्मानित नेता होने के साथ ही लोकप्रिय भी हैं। उनका अपमान और उपेक्षा भाजपा बर्दाश्त नहीं करेगी। भाजपा ने जिला उपायुक्त को अपने स्तर से इन मामलों पर संज्ञान लेकर जरूरी सुधार सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।