झारखण्ड वाणी

सच सोच और समाधान

बेहतर मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सामाजिक संस्था नाम्या स्माइल फाउंडेशन का ‘माही’ अभियान पहुंचा बहरागोड़ा बीएड कॉलेज

बेहतर मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सामाजिक संस्था नाम्या स्माइल फाउंडेशन का ‘माही’ अभियान पहुंचा बहरागोड़ा बीएड कॉलेज, वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर के मनोविशेषज्ञ ने सैकड़ों छात्र-छात्राओं को किया मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक।

जमशेदपुर। मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को इस दशक के लिए बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है एवं आजकल के युवाओं में चिंता-तनाव और अवसाद के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। युवाओं में बढ़ रही इस गंभीर समस्या को देखते हुए शहर की सामाजिक संस्था नाम्या स्माइल फाउंडेशन एवं वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर के संयुक्त तत्वावधान में ‘माही’ (मेंटल अवेसमनेस एंड हेल्थ इनिशिएटिव) अभियान शुरुआत की गयी है। आज बहरागोड़ा स्थित बीएड कॉलेज में माही (MAHI) अभियान के दूसरे चरण का शुभारंभ नाम्या स्माइल फाउंडेशन के सदस्य डॉ श्रद्धा सुमन एवं बीएड कॉलेज बहरागोड़ा के प्रिंसिपल बालकृष्ण बेहरा ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान अनेकों योजनाओं में सरकार के साथ कार्य कर रहे वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर के मनोविशेषज्ञ ने बीएड कॉलेज के ढाई सौ से अधिक छात्र-छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति विस्तृत जानकारी देकर उन्हें मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया।
इस अवसर पर नाम्या स्माइल फाउंडेशन के सदस्य रिशु रंजन ने बताया कि बढ़ती मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में युवाओं को जागरूक करने और इस खतरे को कम करने के उद्देश्य से संस्था नाम्या स्माइल फाउंडेशन एवं वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर के संयुक्त तत्वावधान में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान के अंतर्गत केंद्र एवं राज्य सरकार के टीबी उन्मूलन एवं कई अन्य कार्यक्रमों से जुड़े वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर के मनोविशेषज्ञ द्वारा जिले के सभी बड़े शिक्षण संस्थानों में युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं एवं इससे बचाव हेतु जागरूक किया जा रहा है।
वहीं, संस्था के सदस्य डॉ श्रद्धा सुमन ने बताया कि मन को स्वस्थ रखे बिना स्वस्थ तन की कल्पना करना बेमानी होगी, और इससे बड़ी बेमानी होगी मानसिक स्वास्थ्य को एक दायरे में बांध कर रखना। आज बढ़ते मानसिक समस्याओं के मद्देनजर स्वास्थ्य समस्या के साथ मेंटल हेल्थ समस्याओं के प्रति भी गंभीर होने की जरूरत है। देश के सभी बच्चे, उनके माता-पिता, शिक्षक, प्रशासन, नीति निर्माताओं और कानून व्यवस्था को मानसिक स्वास्थ्य की अहमियत के बारे में सोचने और इस दिशा में सार्थक प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का अति-उपयोग और तुलनात्मक व्यवहार के कारण युवा वर्ग अवसादग्रस्त हो रहे हैं। इसके साथ ही, आत्महत्या के मामले में भी वृद्धि देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में व्याप्त भ्रम औऱ स्टिग्मा के चलते लोग अपनी समस्याएं दूसरों के साथ शेयर नहीं करना चाहते, जागरूकता के आभाव के कारण इस तरह की सोच बड़ी चुनौती साबित होती है, इसमें हम सभी को संवेदनशील होने की जरूरत है।
इससे पहले बीएड कॉलेज बहरागोड़ा के प्रिंसिपल बालकृष्ण बेहरा ने अतिथियों को अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। उन्होंने संस्था द्वारा चलाये जा रहे मुहिम की सराहना करते हुए इसे युवाओं के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
इस मौके पर बीएड कॉलेज बहरागोड़ा के प्रिंसिपल बालकृष्ण बेहरा, शिक्षक भोला सिंह, जितेंद्र कुमार, राजीव प्रियदर्शन, संजय केरकेट्टा, समरेंद्र रंजन सिंह, राजेश समीर कश्यप, भक्त बंधु नायक, वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर से सौरभ मोहंती, नाम्या स्माइल फाउंडेशन से डॉक्टर श्रद्धा सुमन, रिशु रंजन, सुचुरिता सरकार, सतप्रीत सिंह, निर्मल कुमार और अन्य समेत सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद थे।