झारखण्ड वाणी

सच सोच और समाधान

बीएसएनएल में कार्यरत होमगार्ड जवानों का भत्ता वकाया लंबित

Ambuj Kumar Kunal Sarangi width Anshar Khan ADJ Kamlesh Jitendra Rais Rozvi Rishi Mishra Rina Gupta

जमशेदपुर। बीएसएनल के जमशेदपुर प्रतिष्ठान में वर्ष 2019 से कर्तव्य भत्ता बकाया लंबित पड़ा है जिसमें वर्ष 2019 जून माह तक का भुगतान किया गया है इस भुगतान राशि में भी त्रुटि यह की गई है कि झारखंड सरकार आपदा प्रबंधन विभाग झारखंड रांची के ज्ञापांक 1144 दिनांक 6-3- 2019 को निर्गत पत्र के अनुसार गृह रक्षकों का कर्तव्य भत्ता रकम 400 से बढ़ाकर 500 रुपए प्रतिदिन की दर से निर्धारित किया गया है तथा 1 अप्रैल 2019 से इसको लागू कर दिया गया है इस पत्र के अनुसार भी जमशेदपुर बीएसएनल में प्रतिनियुक्त गृह रक्षकों का कर्तव्य भत्ता का भुगतान ₹400 प्रतिदिन पूर्व निर्धारित रेट के अनुसार दिया गया है इसके अलावा झारखंड गृह रक्षा वाहिनी मुख्यालय का ज्ञापन 56दिनांक 11 जनवरी 2017 के निर्गत पत्र के अनुसार विभिन्न संस्थानों एवं संगठनों विभागों में भी प्रतिनियुक्त गृह रक्षकों का एम ओ यू करने से संबंधित फॉर्मेट जारी किया गया था इसमें स्पष्ट किया गया है कि पूर्व में भोजन भत्ता की राशि ₹5 प्रतिदिन की दर से निर्धारित किया गया था उसे बढ़ाकर 50 रुपया प्रतिदिन की दर से देय होगा जमशेदपुर बीएसएनल विभाग के द्वारा इस आदेश का अनुपालन भी नहीं कर भोजन भत्ता की राशि भी 50 रुपया नहीं देकर पूर्व निर्धारित ₹5 की दर से ही दिया जा रहा है इस संबंध में जिला समादेष्टा झारखंड गृह रक्षा वाहिनी कार्यालय जमशेदपुर के ज्ञापांक 846 दिनांक 17 नवंबर 2017 को मुख्यालय रांची के क्या 56 दिनांक 11 जनवरी 2017 के संबंध में गोलमुरी स्थित जीएम कार्यालय बीएसएनल को पत्राचार कर इस संबंध में जानकारी दी गई है इस पत्र के अनुसार कोई कार्यवाही उनके द्वारा नहीं किया गया
वर्तमान समय में जमशेदपुर जिला का बीएसएनल विभाग में जुलाई 2019 से अब तक जुलाई 2020 का कर्तव्य भत्ता का भुगतान बकाया एवं लंबित पड़ा और भत्ते का भुगतान नहीं कर मार्च-अप्रैल 2020 का भुगतान हेतु आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान हेतु जिला समादेष्टा कार्यालय को भेजा गया क्या किसी सरकारी विभाग में ऐसा नियम है कि पूर्व का पैसा का भुगतान ना होकर बीच से भुगतान कर दिया जाय यह तो बहुत ही अनुचित है इसको लेकर गृह रक्षकों में क्षोभआक्रोश व्याप्त है भत्ता भुगतान की मांग को लेकर 11 अगस्त 2020 को उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम को एक स्मार पत्र समर्पित किया गया है

About Post Author