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बच्चे को जन्म देने के बाद मां की मौत, परिजनों ने जमकर किया हंगामा

पूर्वी सिंहभूम जिले के गोविंदपुर थाना क्षेत्र स्थित एक निजी नर्सिंग होम में महिला की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया. स्थानीय लोगों की भीड़ ने नर्सिंग होम में तोड़फोड़ भी की है. इसे लेकर परिजनों ने शव के साथ सरकारी मुआवजे की मांग को लेकर देर शाम तक प्रदर्शन किया.

जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के गोविंदपुर थाना क्षेत्र स्थित एक निजी नर्सिंग होम में बच्चे की जन्म के बाद मां की मौत होने पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया. आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में तोड़फोड़ भी की है. पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन करते हुए सरकारी मुआवजे की मांग की है.
जमशेदपुर के गोविंदपुर थाना क्षेत्र स्थित दुर्गा नर्सिंग होम में परसुडीह यशोदा नगर की रहने वाली एक महिला की मौत प्रसव पीड़ा के दौरान हो गई. नर्सिंग होम में बच्चे के जन्म देने के एक घंटे बाद मां की मौत हो गई. मृतिका के परिजन और बस्ती वालों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए नर्सिंग होम में जमकर हंगामा किया और तोड़फोड़ की. परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर देर शाम तक प्रदर्शन किया है. प्रशासन की ओर से सरकारी मुआवजा राशि देने की आश्वासन और बीच-बचाव के बाद मामला शांत हुआ. मौके पर पहुंचे अंचलाधिकारी ने बताया है कि नर्सिंग होम के खिलाफ थाना में मामला दर्ज किया गया है जानकारी के मुताबिक यशोदा नगर का रहने वाला शिव सिंह अपनी गर्भवती पत्नी को लेकर प्रसव कराने के लिए 21 अगस्त को गोविंदपुर स्थित दुर्गा नर्सिंग होम पहुंचे थे. जहां डॉक्टरों ने महिला को भर्ती करने के बाद नॉर्मल डिलीवरी होने पर 5 हजार और ऑपरेशन से होने पर 30 हजार लगने की बात कही थी. जिसके बाद 23 अगस्त को शिव कुमार की पत्नी ने एक बच्चे को जन्म दिया. डिलीवरी के एक घंटे के बाद डॉक्टरों ने उक्त महिला की तबीयत ज्यादा खराब होने की बात कहकर टीएमएच अस्पताल में रेफर कर दिया. जहां अस्पताल ले जाने के क्रम में ही उक्त महिला की मौत हो गई.
पत्नी की मौत के बाद शिव सिंह वापस बच्चे और शव के साथ नर्सिंग होम पहुंच गया, जहां उसने जमकर हंगामा किया. इस दौरान कई स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंच गए और नर्सिंग होम के डॉक्टरों पर ठीक इलाज नहीं करने का आरोप लगाते हुए तोड़फोड़ की. लोगों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन करने लगे और मुआवजे की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे. परिजनों ने पुलिस प्रशासन से डॉक्टरों पर उचित कार्रवाई की मांग करने लगे. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराया. अंचलाधिकारी अनुराग तिवारी ने बताया कि पीड़ित परिवार को सरकारी मुआवजे के तहत 20 हजार रुपए दी जाएगा और नर्सिंग होम डॉक्टर के खिलाफ गोविंदपुर थाना में मामला भी दर्ज किया जा चुका है